अजमेर कोर्ट परिसर को बम से उड़ाने का धमकी का ईमेल मिला। धमकी मिलते ही सोमवार सुबह करीब 7:15 बजे सीओ (नॉर्थ) शिवम जोशी और सिविल लाइंस थाना प्रभारी शंभू सिंह पुलिस जाब्ते के साथ मौके पर पहुंचे। कोर्ट परिसर खाली होने के कारण सुरक्षा बलों को सर्च ऑपरेशन चलाने में आसानी हुई। पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों ने पूरे परिसर की तत्काल घेराबंदी कर दी। इसके बाद कोर्ट के चैंबर, पार्किंग एरिया, मुख्य कोर्ट भवन और बाहरी हिस्से के चप्पे-चप्पे की बारीकी से तलाशी ली गई। धमकी भरे मेल में लिखा- कोर्ट ऑफिस में जल्द ही 6 जिलेटिन बम ब्लास्ट होंगे। दुर्गा स्टालिन ने शिया मुसलमान की मदद से पैगंबर मोहम्मद का अपमान किया है। सभी जजों को बाहर निकाल दिया जाए। हमारा मकसद सिर्फ प्रॉपर्टी को नुकसान पहुंचाना है। अब देखिए, सर्च ऑपरेशन से जुड़ी PHOTOS… खाली कोर्ट परिसर की घेराबंदी कर चप्पे-चप्पे की ली गई तलाशी सीओ (नॉर्थ) शिवम जोशी ने बताया कि जिला न्यायाधीश की ओर से पुलिस को इस धमकी भरे ईमेल की सूचना दी गई थी, जिसमें कोर्ट परिसर में जिलेटिन की छड़ों से विस्फोट करने का सनसनीखेज दावा किया गया था। सूचना मिलते ही शुरू किए गए इस सघन सर्च ऑपरेशन के दौरान सुरक्षा टीमों ने पूरे परिसर को खंगाल डाला, लेकिन राहत की बात यह रही कि गहन तलाशी के बाद भी वहां किसी भी प्रकार का विस्फोटक या संदिग्ध सामग्री नहीं मिली। पिछले एक सप्ताह के भीतर अजमेर शहर में बम से उड़ाने की यह दूसरी बड़ी धमकी है। इससे महज चार दिन पहले आरटीओ (RTO) कार्यालय को भी इसी तरह का धमकी भरा ईमेल मिला था, जिससे प्रशासनिक हलकों में हड़कंप मच गया था। साइबर सेल खंगाल रही IP एड्रेस, पुलिस बोली- मामले को हल्के में नहीं लेंगे सीओ शिवम जोशी ने बताया कि शुरुआती जांच में यह ईमेल भी पूर्व में मिले धमकी भरे मेल की तरह ही शरारतपूर्ण या दुर्भावनापूर्ण (होक्स) प्रतीत हो रहा है, लेकिन पुलिस सुरक्षा के लिहाज से इसे बिल्कुल भी हल्के में नहीं ले रही है। पुलिस और साइबर सेल की टीमें अब दोनों ईमेल के आईपी एड्रेस (IP Address) को ट्रेस करने, मेल भेजने वाले शातिर की पहचान करने और उसके पूरे नेटवर्क व वास्तविक उद्देश्य का पता लगाने के लिए तकनीकी जांच में जुटी हैं।