अजमेर की पॉक्सो कोर्ट संख्या-1 ने नाबालिग से रेप और अश्लील वीडियो बनाकर ब्लैकमेल करने के मामले में आरोपी को 20 साल की सजा सुनाई है। कोर्ट ने आरोपी पर 20 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया है। न्यायाधीश हेमंत सिंह बघेला ने बुधवार को यह फैसला सुनाया। मामले में अभियोजन पक्ष की ओर से पैरवी सीनियर पब्लिक प्रोसेक्यूटर प्रशांत यादव ने की। स्कूल जाते समय दी थी वीडियो वायरल करने की धमकी सरकारी वकील प्रशांत यादव के अनुसार पीड़िता के पिता ने 13 जुलाई 2024 को थाने में रिपोर्ट दर्ज करवाई थी। रिपोर्ट में बताया गया कि उनकी 17 साल की बेटी 12 जुलाई 2024 को स्कूल जा रही थी। इसी दौरान आरोपी बाइक लेकर पहुंचा और लड़की को अपने साथ चलने के लिए कहा। मना करने पर उसने अश्लील वीडियो वायरल करने की धमकी दी। घटना के बाद डरी-सहमी बालिका ने घर पहुंचकर परिजनों को पूरी जानकारी दी। पीड़िता ने बताया कि करीब तीन महीने पहले आरोपी ने उसे जबरन घर के अंदर खींच लिया था। उसके साथ रेप किया। विरोध करने पर मारपीट की गई तथा मोबाइल से अश्लील वीडियो और फोटो भी बनाए गए। आरोपी ने किसी को बताने पर जान से मारने की धमकी दी थी। शिकायत पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया था। 28 अक्टूबर 2024 को न्यायालय में आरोप पत्र पेश किया। इसके बाद न्यायालय ने आरोप तय कर मामले की सुनवाई शुरू की। कोर्ट में पीड़िता ने बयान में दोहराई पूरी घटना सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से 14 गवाह और 42 दस्तावेज पेश किए गए। पीड़िता और परिवादियों ने न्यायालय में अपने बयान दर्ज करवाते हुए घटना की पुष्टि की। साथ ही पुलिस के समक्ष दिए गए 161 और 164 सीआरपीसी के बयानों को भी सही बताया। कोर्ट ने कहा- ऐसे अपराधों में नरमी उचित नहीं अपने आदेश में न्यायालय ने कहा कि आरोपी ने 18 साल से कम आयु की नाबालिग बालिका के साथ उसकी इच्छा के विरुद्ध लैंगिक हमला किया। साथ ही जान से मारने की धमकी भी दी। कोर्ट ने कहा कि ऐसे गंभीर अपराधों में नरमी बरतना न्ययसंगत नहीं है।