भीषण गर्मी में वेतन बढ़ाने की मांग को लेकर विरोध करते समय नौगांवा की आशा सहयोगिनी हेमलता को चक्कर आ गए। उसे दूसरी सहयोगिनियों ने पानी पिलाकर संभाला। इसके बाद आशा सहयोगिनी ने सरकार व प्रशासन को खरी खोटी सुनाते हुए कहा कि अब उनको हटाने की धमकी दी जाने लगी हैं। अधिकारी एक आशा सहयोगिनी के रिटायरमेंट पर 100 रुपए खर्च नहीं करते हैं। जबकि ऑफिस के काम पर मन चाहे जब लगा दिया जाता। लेकिन अब सहयोगिनी पीछे नहीं हटेंगी। चाहे उनको नौकरी से हटा दो। आशा सहयोगिनियों ने सरकार के खिलाफ जमकर विरोध प्रदर्शन किया। महिलाएं पहले शहीद स्मारक पर एकत्रित हुई। वहां से रैली निकालते हुए मिनी सचिवालय पहुंचीं। यहां उन्होंने कलेक्ट्रेट के मुख्य द्वार पर नारेबाजी की और प्रदर्शन किया। आशा सहयोगिनियों ने कहा कि 4 हजार में काम नहीं, 24 हजार से कम नहीं,,,जैसे अनेक नारे लगाए। नौगांवा सीएचसी से आशा सहयोगिनी राजवती का कहना है कि भीषण गर्मी विरोध कर रहे हैं। केवल 4 हजार 900 रुपए में काम करती है। सरकार उनकी सुने और राज्य कर्मचारी का दर्जा दिया जाए। कंचनलता का कहना है कि हम आशाओं में फूट नहीं डाले और दबाव नहीं बनाएं। हम हमारे हक के लिए लड़ रहे हैं। हम हड़ताल करते हैं तो अधिकारी दबाव बनाने में लगे हैं। हमें हटाने की धमकी देने में लगे हैं। पिछले 25 दिनों से हमें कोई मिलने नहीं आया। सरकार का कोई नुमाइंदा नहीं सुन रहा है। आशा सहयोगिनी के रिटायरमेंट पर अधिकारी 100 रुपए खर्च नहीं करते हैं। अब भी कोई अधिकारी मिलने नहीं आया है। वैसे सब काम आशा सहयोगिनी से कराते हैं। प्रदर्शनकारी महिलाओं ने बताया कि वे लंबे समय से बेहद कम मानदेय में काम कर रही हैं। आशा सहयोगिनियों को स्थायी कर्मचारी का दर्जा दिया जाए। महंगाई के अनुपात में फिक्स और सम्मानजनक मानदेय मिले। पेंशन, स्वास्थ्य बीमा और भविष्य निधि (PF) जैसी सुविधाएं लागू हों। प्रशासन के आला अधिकारियों को सौंपा गया मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन।