अलवर में एक ही जमीन को लेकर फर्जी दस्तावेज तैयार करने के आरोप में कोर्ट के आदेश पर कोतवाली थाना पुलिस ने दो अलग-अलग एफआईआर दर्ज की हैं। दोनों मामलों में परिवादी गुरुग्राम निवासी अशोक यादव हैं। उनका आरोप है कि उनकी खरीदी हुई जमीन पर कब्जा करने की नीयत से अलग-अलग लोगों ने बैक डेट में फर्जी एग्रीमेंट तैयार कर अदालत और आर्बिट्रेशन के जरिए अपने पक्ष में फैसले कराने की कोशिश की। परिवादी अशोक यादव ने बताया कि उन्होंने वर्ष 2011 में मंशीरपुर (तहसील रामगढ़) स्थित 17.77 हेक्टेयर जमीन के 1/6 हिस्से को नूरी ओवरसीज सेल्स कॉरपोरेशन से करीब 19.80 लाख रुपये में रजिस्ट्री के जरिए खरीदा था। उनका कहना है कि खरीद के बाद से वह जमीन के वैध मालिक और कब्जाधारी हैं। पहले मामले में आरोप है कि शीश कुमार, कंपनी के प्रबंध निदेशक प्रकाश दुधानी, पुरुषोत्तम शर्मा और अन्य लोगों ने मिलकर 11 जुलाई 2012 की तारीख का बैक डेट में फर्जी एग्रीमेंट तैयार कराया। इसके आधार पर न्यायालय में मुकदमा दायर किया गया और वर्ष 2022 में राजीनामे के जरिए अपने पक्ष में आदेश भी हासिल कर लिया। परिवादी का दावा है कि जिस स्टाम्प पर यह एग्रीमेंट बनाया गया, उस तारीख को ऐसा कोई स्टाम्प जारी ही नहीं हुआ था। दूसरे मामले में आरोप है कि सतबीर सिंह, प्रकाश दुधानी और उनके पुत्र सुधीर दुधानी ने 14 अप्रैल 2007 की तारीख का एक और बैक डेट फर्जी एग्रीमेंट तैयार कराया। इसी दस्तावेज के आधार पर साल 2020 में आर्बिट्रेशन के जरिए फैसला अपने पक्ष में कराया गया और बाद में उस फैसले को अदालत में भी पेश किया गया। परिवादी का कहना है कि इस एग्रीमेंट में इस्तेमाल किया गया स्टाम्प भी किसी दूसरे व्यक्ति के नाम जारी हुआ था। अशोक यादव का आरोप है कि जब उन्हें इन दोनों मामलों की जानकारी मिली तो उन्होंने संबंधित लोगों से फर्जी दस्तावेज निरस्त करने को कहा, लेकिन उन्होंने मना कर दिया। इसके बाद कोतवाली थाने इस्तगासे के जरिये रिपोर्ट दर्ज कराई गई हैं।