अलवर शहर के पुराना स्टेशन रोड पर मंगलवार सुबह एक दुकान में करीब दो फीट से भी बड़ा मॉनिटर लिजार्ड (गोहरा) घुस गया। आसपास के दुकानदारों में हड़कंप मच गया। बाहर भीड़ भी लग गई। एक दुकान के अंदर से गोहरे को बाहर निकाला तो दूसरी दुकान में जा घुसा। बाद में वाइल्डलाइफ रेस्क्यू टीम ने मौके पर पहुंचकर उसे सुरक्षित रेस्क्यू किया, तब जाकर दुकानदारों और स्थानीय लोगों ने राहत की सांस ली। एक दुकान से निकलकर दूसरी दुकान में घुसा खंडेलवाल स्टोर के संचालक राजेंद्र कुमार ने बताया कि मंगलवार सुबह करीब 10 बजे यह गोहरा अचानक पास की एक दुकान में घुस गया था। वहां लोगों की भारी भीड़ इकट्ठा होने के कारण घबराकर गोहरा वहां से निकला और सीधे उनकी (राजेंद्र कुमार की) दुकान के अंदर जा घुसा। गोहरे को दुकान में देख वहां मौजूद लोग डर के मारे बाहर भाग खड़े हुए। WRRC टीम ने किया रेस्क्यू, जंगल में छोड़ा जाएगा दुकानदार राजेंद्र कुमार ने तुरंत इसकी सूचना वन्यजीव रेस्क्यूअर विवेक जसाईवाल को दी। सूचना मिलते ही वाइल्डलाइफ रेस्क्यू रिसर्च सेंटर (WRRC) टीम के सदस्य गोविंद तुरंत मौके पर पहुंचे। गोविंद ने काफी मशक्कत के बाद गोहरे को सुरक्षित काबू में किया। टीम के अनुसार, इसे रेस्क्यू कर सुरक्षित प्राकृतिक आवास (जंगल) में छोड़ दिया जाएगा। जहरीला नहीं होता एक्सपर्ट WRRC टीम के सदस्य गोविंद ने बताया कि स्थानीय भाषा में इसे 'पाटागोह' या 'गोहरा' कहा जाता है। यह असल में एक मॉनिटर लिजार्ड है। आम जनता में यह भ्रम फैला हुआ है कि यह बेहद जहरीला होता है, जबकि असलियत यह है कि इसमें कोई जहर नहीं होता। डर के कारण लोग घबरा जाते हैं। अगर यह कभी आबादी क्षेत्र में दिखे, तो इसे नुकसान न पहुंचाएं और तुरंत रेस्क्यू टीम को सूचना दें।