हम भी इलाज जानते हैं कलेक्टर महोदय का। यह कहना है अलवर शहर के बुजुर्ग का। विवेकानंद नगर 2/20 मकान वाली गली में अतिक्रमण हटाने के लिए यूआईटी दस्ता की टीम पहुंची थी। इस दौरान बुजुर्ग और टीम के बीच बहस भी हुई। रास्ते में लगे एक कूलर और कार को हटवा दिया। लेकिन इसके एक घंटे बाद ही वापस रास्ते में कूलर और कार खड़ी कर दी। इसका वीडियो भी सामने आया है। वहीं, यूआईटी के तहसीलदार मानवेंद्र जायसवाल का कहना है कि एक बार कार व कूलर हटवाकर आए हैं। अब वापस अतिक्रमण किया है तो पूरा अच्छे से हटा देंगे। रास्ते को अवरुद्ध नहीं होने दिया जाएगा। अब देखिए, मामले से जुड़ी 2 PHOTOS… कलेक्टर के आदेश पर अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई गुरुवार को कलेक्टर डॉ. अर्तिका शुक्ला ने जनसुनवाई की थी, जिसमें परिवादी सविता जैन की शिकायत पर कलेक्टर ने यूआईटी अधिकारी को रास्ते से तुरंत अतिक्रमण हटाने के आदेश दिए थे। उसी समय यूआईटी तहसीलदार मय टीम मौके पर अतिक्रमण हटाने गए। रास्ते में लगे एक कूलर व कार को हटवाया। तब परिवादी व अतिक्रमण टीम के बीच बहस भी हुई। उसी समय अतिक्रमण के आरोपी बुजुर्ग ने यह बोल दिया कि हम भी इलाज जानते हैं कलेक्टर महोदय का। 1 घंटे बाद कूलर भी वापस रास्ते में लगा दिया गया। यही नहीं, घर का गेट भी रास्ते की तरफ खोला जाता है। यही तीन घरों की ओर से किए गए अतिक्रमण की शिकायत थी। उल्टा यूआईटी टीम ने मुझे ही धमकाया परिवादी सविता जैन का कहना है कि उल्टा यूआईटी टीम ने उनको ही धमकाया है कि बार-बार शिकायत करेंगे तो तुम्हारे घर को गेट भी तोड़ना पड़ेगा। इस पर परिवादी ने कहा कि जिसका भी अतिक्रमण आए उसे हटा दो, कोई दिक्कत नहीं है। लेकिन कलेक्टर के आदेश के बावजूद यूआईटी के अधिकारी एक कूलर को भी नहीं हटा पाए।