लड़ी गांव के पास एक खेत से गुजर रही इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन की भूमिगत पाइपलाइन में अज्ञात लोगों ने तेल चोरी के लिए अवैध कनेक्शन लगाया। तकनीकी जांच के बाद कनेक्शन हटाया गया। पाइपलाइन की मरम्मत कर दी गई। पुलिस ने मामला दर्ज किया। आरोपियों की तलाश शुरू की गई। वृत्ताधिकारी आशीष प्रजापत के मुताबिक आईओसी के वरिष्ठ प्रचालन प्रबंधक राकेश प्रजापति की रिपोर्ट पर कार्रवाई हुई। 1-2 जुलाई की रात धासूक-निमेड़ा सेक्शन में संचालित एसएमपीएल भूमिगत पाइपलाइन के उपकरणों में अचानक प्रेशर ड्रॉप दर्ज हुआ। इसे अवैध निकासी का संकेत माना गया। तकनीकी टीम ने जांच शुरू की। डीसीवीजी सर्वे के आधार पर पाइपलाइन के 525.750 पॉइंट पर हजारी बैरवा के खेत में संदिग्ध जगह चिन्हित हुई। सर्वे टीम ने खेत के कोने में झाड़ियों के नीचे खुदाई की। जमीन के भीतर एक पाइप मिला। एक वॉल्व मिला। जांच में सामने आया कि इस पाइप को एसएमपीएल की 24 इंच व्यास वाली मुख्य पाइपलाइन से दो वॉल्व लगाकर जोड़ा गया था। पुलिस के अनुसार यह व्यवस्था तेल चोरी की तैयारी के लिए की गई थी। सूचना पर थानाधिकारी प्रीति रत्नु मौके पर पहुंचीं। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक पुष्पेंद्र सिंह सोलंकी पहुंचे। सीओ आशीष प्रजापत ने घटनास्थल देखा। एफएसएल टीम ने मौके से वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाए। पुलिस ने सेंधमारी में उपयोग किए गए पाइप और वॉल्व जब्त किए। संदिग्धों की गिरफ्तारी के लिए अलग-अलग टीमों का गठन किया गया। पुलिस जांच पूरी होने के बाद कॉर्पोरेशन अधिकारियों की मौजूदगी में पाइपलाइन दुरुस्त की गई। पाइपलाइन को सुरक्षित किया गया।