श्रीगंगानगर| सूरतगढ़ रोड स्थित अन्नक्षेत्र राम मंदिर में चल रहे 37वें वार्षिकोत्सव का आनंद बढ़ाने के लिए प्रसिद्ध कथावाचक वृंदावनवासी मारुतिनंदन शास्त्री रविवार को मंदिर पहुंच रहे हैं। उन्होंने लगभग दो वर्ष पहले इसी मंदिर में दिव्य राम कथा की थी, जिसमें बड़ी संख्या में शहर के लोग शामिल होते रहे थे। इससे पहले वे श्रीगंगानगर में भी कई कथाएं कर चुके हैं। मंदिर में जारी अखंड राम नाम संकीर्तन के दौरान माथा टेकने वाले श्रद्धालुओं का तांता लगा रहता है। शनिवार को स्कूली बच्चों सहित हजारों भक्तों ने धोक लगाई। विजडम वर्ल्ड स्कूल और रॉकविल कॉन्वेंट स्कूल के विद्यार्थियों ने सामूहिक रूप से मंदिर पहुंचकर माथा टेका। इससे पहले भी कई स्कूलों के विद्यार्थी बड़ी संख्या में मंदिर में दर्शन कर चुके हैं। मंदिर में चल रहे भंडारे में रोजाना श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ रही है और शाम की आरती में भी बड़ी संख्या में भक्त शामिल हो रहे हैं। भगवान राम को प्रतिदिन फलों की सवामणियों का भोग लगाकर प्रसाद बांटा जा रहा है। मंदिर प्रधान अजय कृष्ण स्वामी के अनुसार जैसे-जैसे कार्यक्रम के समापन का दिन नजदीक आ रहा है, वैसे-वैसे शहर के दूर-दराज क्षेत्रों और आसपास के गांवों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु मंदिर पहुंच रहे हैं। मंदिर के वार्षिकोत्सव में सामूहिक रूप से माथा टेकने पहुंचे स्कूलों के बच्चे। हिंदुस्तान स्काउट एंड गाइड के स्काउट-गाइड मंदिर के सेवादारों के साथ व्यवस्थाओं में सहयोग कर रहे हैं। भंडारा प्रभारी अशोक चराया, रासबिहारी बाजोरिया और बलवीर सिंगाठिया ने बताया कि आयोजन के चलते मंदिर में निरंतर चल रहे भंडारे में इन दिनों सुबह-शाम हजारों श्रद्धालु भोजन प्रसादी ग्रहण कर रहे हैं। दस दिवसीय अखंड संकीर्तन और भंडारे में निष्काम भाव से जूता घर, भोजन प्रसादी बनाने और परोसने जैसी व्यवस्थाएं संभाल रहे सेवादारों में भी खास उत्साह दिखाई दे रहा है। मंदिर के मुख्य सेवादार अभय शंकर स्वामी ने बताया कि वार्षिकोत्सव के तहत चल रहे 10 दिवसीय अखंड राम नाम संकीर्तन और भंडारे को विजयादशमी पर 20 अक्टूबर मंगलवार को विश्राम दिया जाएगा।