बांसवाड़ा| संक्रमण से जूझ रहे मरीजों के लिए चौंकाने वाली खबर है। बैक्टीरियल इन्फेक्शन जैसे गले, फेफड़ों, यूरिन और त्वचा के संक्रमण में मरीजों को दी जाने वाली सेफपोडॉक्सिम प्रोक्सेटिल टेबलेट का एक पूरा बैच फर्जी पाया गया है। जांच में सामने आया कि इस दवा में असरकारक मुख्य तत्व ही नहीं था। सूत्रों के अनुसार सेफपोडॉक्सिम प्रोक्सेटिल टेबलेट आईपी (क्यूसीई पीओडी 200 एमजी) के बैच संख्या वीटी 242312 के सैंपल में सेफपोडॉक्सिम ‘निल’ पाया गया। यानी मरीजों के लिए यह दवा किसी काम की नहीं है। जांच रिपोर्ट में सामने आया कि यह दवा हिमाचल प्रदेश के सोलन जिले के झड़माजरी-बद्दी स्थित वैडस्प फार्मास्युटिकल्स द्वारा निर्मित है। राजकीय औषधि परीक्षण प्रयोगशाला जयपुर ने इसे गंभीर अमानक घोषित किया है। इसे लेकर खाद्य सुरक्षा एवं औषधि नियंत्रण आयुक्तालय जयपुर ने 2 अप्रैल को अलर्ट नोटिस जारी किया है। इसमें प्रदेशभर के औषधि नियंत्रकों को सख्त निर्देश दिए गए हैं कि वे इस बैच को तुरंत बाजार से हटाएं और मेडिकल स्टोर्स पर विशेष निगरानी रखें। संबंधित कंपनी की अन्य दवाओं के नमूने भी जांच के लिए लेने के आदेश दिए गए हैं। बांसवाड़ा के एडिशनल ड्रग कंट्रोलर विशाल जैन के अनुसार जिले की ड्रग डीलरों को इसकी कितनी सप्लाई मिली, पता कर रहे हैं।