नागौर शहर के बड़ली क्षेत्र में गुरुवार सुबह 11:40 बजे पटाखा निर्माण और स्टॉक करने वाली फैक्ट्री में हुए भीषण ब्लास्ट ने प्रशासनिक निगरानी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। जिला कलेक्टर देवेंद्र कुमार ने बताया कि इस जगह पर साल 1988 से 'सोरघर' के नाम से पटाखा निर्माण और भंडारण का लाइसेंस संचालित होने की बात सामने आई है। इतने लंबे समय से लाइसेंस का नवीनीकरण तो होता रहा, लेकिन मौके पर नियमित निरीक्षण नहीं हुआ। इधर हादसे की सूचना पर RLP सुप्रीमो हनुमान बेनीवाल भी पहुंचे। कलेक्टर बोले- नवीनीकरण होता रहा, लेकिन निरीक्षण नहीं जिला कलेक्टर देवेंद्र कुमार ने बताया कि साल 1988 में इस स्थान पर 'सोरघर' के नाम से पटाखा निर्माण और भंडारण के लिए जगह आवंटित की गई थी। यहां अधिकतम 15 किलो तक विस्फोटक बनाने की अनुमति होने की जानकारी सामने आई है। कलेक्टर ने बताया कि इतने लंबे समय से लाइसेंस का नवीनीकरण तो होता रहा, लेकिन मौके पर नियमित भौतिक निरीक्षण नहीं हुआ। उन्होंने प्रशासनिक स्तर पर चूक स्वीकार करते हुए कहा कि इस स्थान का समय-समय पर निरीक्षण किया जाना चाहिए था, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। कलेक्टर बोले- प्रशासनिक स्तर पर चूक हुई है अब हादसे के बाद लाइसेंस से जुड़े दस्तावेजों, नवीनीकरण की प्रक्रिया और सुरक्षा मानकों की जांच की जाएगी। मौके पर वास्तव में कितनी मात्रा में विस्फोटक रखा गया था और कितना उपयोग में लिया जा रहा था, इसका भी पता लगाया जाएगा। कलेक्टर ने यह भी स्वीकार किया कि प्रशासनिक स्तर पर चूक हुई है। खसरा नंबर 484 पर आवंटित है जगह नागौर तहसीलदार नरसिंह राम टाक ने बताया कि खसरा नंबर 484 गैर मुमकिन सोरघर के नाम से आवंटित है। करीब चार दशक तक निगरानी क्यों नहीं हुई? हादसे ने प्रशासनिक निगरानी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। करीब चार दशक से संचालित विस्फोटक निर्माण और भंडारण स्थल का नियमित निरीक्षण क्यों नहीं हुआ? लाइसेंस का नवीनीकरण किस प्रक्रिया के तहत होता रहा और सुरक्षा मानकों की जांच क्यों नहीं की गई? ------------- यह खबर भी पढ़ें…. राजस्थान-नागौर में बारूद बनाते समय ब्लास्ट, 2 भाइयों की मौत: शवों के टुकड़े बिखरे; हंगामा कर रहे लोगों ने पथराव किया, पुलिस का लाठीचार्ज राजस्थान के नागौर में बारूद के गोदाम में गुरुवार सुबह ब्लास्ट हो गया। हादसे में दो भाइयों की मौत हो गई। धमाके के कारण भाइयों की बॉडी के कई टुकड़े हो गए। पूरी खबर पढ़ें