पाली में एक दिन की बेटी को परिजन हॉस्पिटल में भर्ती करवा कर चले गए। तीन दिन बाद बच्ची की मौत हो गई। हॉस्पिटल स्टाफ ने परिजनों को फोन करके बताया, लेकिन वे शव लेने नहीं आए। मामला बांगड़ हॉस्पिटल का है। बच्ची की प्रीमैच्योर डिलीवरी हुई थी। मासूम की हालत देख एनआईसीयू में तैनात नर्सिंग ऑफिसर सोनू कुमारी सैन भी रो पड़ीं। उन्होंने कहा- मैंने अपने कार्यकाल में पहली बार ऐसा मामला देखा, जिसमें परिजन बच्ची को हॉस्पिटल में छोड़कर चले गए और मौत के बाद भी उसे लेने नहीं आए। फिलहाल शव हॉस्पिटल की मॉर्च्युरी में रखवाया गया है। पुलिस और हॉस्पिटल प्रशासन परिजनों के आने का इंतजार कर रहा है। 7वें महीने में घर पर ही हुई थी डिलीवरी रानी क्षेत्र में एक विवाहिता को घर पर 20 अक्टूबर प्री मैच्योर डिलीवरी हुई थी। बच्ची का जन्म सातवें महीने में होने के कारण वह बहुत कमजोर थी। वजन एक किलो से भी कम था। परिजन उसे पहले स्थानीय हॉस्पिटल लेकर पहुंचे, जहां से हालत गंभीर होने पर पाली के बांगड़ अस्पताल रेफर कर दिया गया। यहां दोपहर करीब 12:30 बजे उसे नवजात गहन चिकित्सा इकाई (एनआईसीयू) में भर्ती किया गया। इसके बाद परिजन स्टाफ को बिना जानकारी दिए घर चले गए। कुछ देर बाद भूख से रो रही बच्ची को दूध पिलाने के लिए स्टाफ ने उसकी मां को तलाशा तो वह नहीं मिली। फोन पर संपर्क करने पर परिजनों ने बताया कि वह घर आ गए हैं। एनआईसीयू में तैनात नर्सिंग ऑफिसर सोनू कुमारी सैन ने दूसरी महिला का दूध पिलाकर नवजात की देखभाल की। स्टाफ ने भी अपनी ओर से मासूम को बचाने की कोशिश जारी रखी। लेकिन 22 अक्टूबर की रात करीब 10:30 बजे इलाज के दौरान नवजात की मौत हो गई। इसके बाद भी परिजन बच्ची का शव लेने नहीं आए। डॉक्टर बोले- बेहद कमजोर था नवजात ड्यूटी पर तैनात रेजिडेंट डॉक्टर माणिक हरकटे ने बताया- नवजात को हॉस्पिटल लाया गया, तब उसे सांस लेने में परेशानी हो रही थी। उसका वजन एक किलो से भी कम था और फेफड़े पूरी तरह विकसित नहीं हुए थे। इसी वजह से उसकी हालत बेहद गंभीर थी। डॉक्टरों और वार्ड स्टाफ ने उपचार के साथ उसकी देखभाल की। लेकिन बच्चे को बचाया नहीं जा सका। अधीक्षक बोले- कॉल करने पर भी परिजन नहीं आए बांगड़ हॉस्पिटल के कार्यवाहक अधीक्षक डॉ. आरके विश्नोई ने कहा- मासूम को भर्ती करवाने के बाद परिजन बिना बताए चले गए। नवजात की मौत होने पर भी उन्हें कॉल किया, लेकिन वे नहीं आए। हमने पुलिस को भी इसकी जानकारी दे दी है। पुलिसकर्मियों ने भी उन्हें कॉल किया। फिलहाल बॉडी मॉर्च्युरी में रखवाई है। परिजन नहीं आए तो हॉस्पिटल स्टाफ नवजात का अंतिम संस्कार करेगा। SHO बोले- परिजनों का पता लगाएंगे कोतवाली थाने के SHO रविन्द्र सिंह खिंची ने कहा- मामले में नवजात के परिजनों का पता लगाकर उन्हें बुलाएंगे, जिससे वे मासूम की बॉडी लेकर जा सकें।