शहर के कॉलेज मैदान पर दशहरा समारोह में बुराई पर अच्छाई की जीत के प्रतीक रावण, कुंभकरण और मेघनाथ के विशालकाय पुतलों का दहन किया गया। इस दौरान शहरवासियों और आसपास के ग्रामीण अंचलों से पहुंचे हजारों लोगों का जनसैलाब उमड़ पड़ा। पुतला दहन से पूर्व मैदान और आसपास का आसमान रंग-बिरंगी आतिशबाजी की रोशनी से जगमगा उठा। रावण का 35 फीट, कुंभकरण का 30 फीट और मेघनाथ 30 फीट का पुतला दहन किया गया है। ​रघुनाथ मंदिर से निकली भगवान राम की शोभायात्रा दशहरा उत्सव की शुरुआत शहर के पिपली चौक स्थित ऐतिहासिक रघुनाथ मंदिर से हुई। हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी पंच पिपली चौक के अध्यक्ष चंकि शाह के तत्वावधान में पंडित जयंतीलाल जोशी के सान्निध्य में भगवान राम की पारंपरिक सवारी निकाली गई। ​शोभायात्रा में भगवान राम, लक्ष्मण और हनुमान की आकर्षक एवं विशेष झांकियां सजाई गईं। यह शोभायात्रा पिपली चौक से शुरू होकर शहर के विभिन्न प्रमुख मार्गों से होते हुए कॉलेज मैदान पहुँची। मार्ग में जगह-जगह पुष्प वर्षा कर शोभायात्रा का स्वागत किया गया। ​भव्य आतिशबाजी और मेहमानों की मौजूदगी कॉलेज मैदान पर शोभायात्रा के पहुँचने के बाद मुख्य समारोह का आगाज हुआ। रावण दहन से पहले मैदान पर शानदार आतिशबाजी का प्रदर्शन किया गया, जिसने दर्शकों का मन मोह लिया। आसमान में छूटते रंग-बिरंगे पटाखों और फुलझड़ियों की रोशनी ने पूरे माहौल को उत्साह से भर दिया। ​समारोह में जिला कलेक्टर डॉ. इंद्रजीत यादव और पुलिस अधीक्षक सुधीर जोशी की उपस्थिति रही। इनके साथ ही नगर परिषद सभापति मुकेश रावत, उपसभापति व पंच पिपली चौक अध्यक्ष चंकि शाह, नगर परिषद आयुक्त प्रकाश डूडी और बड़ी संख्या में पार्षदगण व गणमान्य नागरिक मौजूद रहे। ​चिंगारी से पहले ही जल उठा रावण का पुतला समारोह के दौरान पुतला दहन की अनूठी प्रक्रिया देखने को मिली। सबसे पहले लंका द्वार जलाया गया। इसके पश्चात, नगर परिषद सभापति मुकेश रावत ने कुंभकर्ण के पुतले का और उपसभापति चंकि शाह ने मेघनाथ के पुतले का दहन किया। ​कार्यक्रम के अंत में जैसे ही जिला कलेक्टर डॉ. इंद्रजीत सिंह यादव बुराई के प्रतीक रावण के पुतले का दहन करने पहुँचे, उससे पहले ही एक चिंगारी से रावण का पुतला स्वतः धू-धू कर जल उठा। पुतलों के जलते ही पूरा कॉलेज मैदान 'जय श्रीराम' के जयकारों से गूंज उठा। ​पुतला दहन के साथ ही उपस्थित जनसमूह ने सत्य और धर्म की विजय के संदेश को दोहराया।