चित्तौड़गढ़ जिले में ढाई साल पहले पुलिस नाकाबंदी तोड़कर अफीम डोडा चूरा से भरी स्कॉर्पियो छोड़कर फरार हुआ 20 हजार रुपए का इनामी तस्कर आखिरकार पुलिस के पकड़ में आ गया। लंबे समय तक पुलिस से बचता रहा यह तस्कर अब ऑपरेशन त्रिनेत्र और नशा मुक्त चित्तौड़गढ़ अभियान के तहत निकुंभ थाना पुलिस की कार्रवाई में गिरफ्तार हुआ है। आरोपी की गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने उससे पूछताछ की तो डोडा चूरा मंगवाने और खरीदने वाले एक अन्य आरोपी को भी बाड़मेर से गिरफ्तार कर लिया। पुलिस अब दोनों आरोपियों से पूछताछ कर तस्करी के पूरे नेटवर्क, माल उपलब्ध कराने वालों और इसमें शामिल अन्य लोगों तक पहुंचने की कोशिश कर रही है। जांच में सामने आया कि आरोपी यूएसए के इंटरनेशनल नंबर्स से राजस्थान में तस्करी का नेटवर्क चला रहा था और सोशल मीडिया के जरिए साथियों से कॉन्टेक्ट करता था। पुलिस का कहना है कि इस कार्रवाई से पुराने मामले की कई अहम कड़ियां जुड़ने लगी हैं और आने वाले दिनों में इस गिरोह से जुड़े अन्य लोगों तक भी पहुंचा जा सकता है। नाकाबंदी तोड़कर भागा था, स्कॉर्पियो छोड़ खेतों में हो गया था फरार मामला करीब ढाई साल पुराना है। 22 मई 2024 को निकुंभ थाना क्षेत्र में पुलिस ने नाकाबंदी कर रखी थी। इसी दौरान एक स्कॉर्पियो को रोकने का प्रयास किया गया, लेकिन ड्राइवर ने वाहन रोकने की बजाय नाकाबंदी तोड़ दी। पुलिस ने पीछा करते हुए स्कॉर्पियो के टायरों पर फायर किए, जिसके बाद वाहन रुक गया। पुलिस के पहुंचने से पहले चालक और उसका साथी अंधेरे का फायदा उठाकर खेतों के रास्ते भाग निकले। जब पुलिस ने स्कॉर्पियो की तलाशी ली तो उसमें बड़ी मात्रा में अवैध अफीम डोडा चूरा भरा मिला। उसी समय से पुलिस दोनों आरोपियों की तलाश में जुटी हुई थी, लेकिन वे लगातार ठिकाने बदलकर गिरफ्तारी से बचते रहे। पहले स्कॉर्पियो की पहचान हुई, फिर तस्कर तक पहुंची पुलिस इस मामले की जांच आसान नहीं थी। पुलिस को बाद में पता चला कि जिस स्कॉर्पियो का इस्तेमाल तस्करी में किया गया था, वह चोरी की निकली। इतना ही नहीं, वाहन के इंजन और चेसिस नंबर के कुछ अंकों में भी छेड़छाड़ की गई थी, ताकि उसकी असली पहचान छिपी रहे। ऐसे में पुलिस को वाहन की सही जानकारी जुटाने के लिए एफएसएल विशेषज्ञों की मदद लेनी पड़ी। तकनीकी जांच और लगातार जुटाए गए सुरागों के आधार पर पुलिस धीरे-धीरे आरोपियों तक पहुंची। जांच के दौरान यह भी सामने आया कि तस्कर खेताराम बिश्नोई तस्करी के दौरान सोशल मीडिया ऐप और यूएस नंबरों के जरिए अपने साथियों से संपर्क करता था, जिससे उसकी गतिविधियों का पता लगाना और भी मुश्किल हो गया था। 20 हजार का इनामी तस्कर और खरीदार दोनों गिरफ्तार, नेटवर्क की जांच जारी पुलिस अधीक्षक धर्मेन्द्र सिंह यादव के निर्देश पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक गजेन्द्र सिंह जोधा और DSP बड़ीसादड़ी हरीश चंद्र सिंह के सुपरविजन में निकुंभ थानाधिकारी प्रभुसिंह चुंडावत और उनकी टीम ने कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी खेताराम पुत्र चीमाराम जाट निवासी अहसान का कला, जिला बाड़मेर को गिरफ्तार किया। उसकी गिरफ्तारी पर पहले से 20 हजार रुपए का इनाम घोषित था। पूछताछ में खेताराम ने कई अहम जानकारियां दीं, जिसके आधार पर पुलिस ने प्रकाश पुत्र मग्गाराम थोरी जाट निवासी गोलिया जैतमाल, थाना सदर बाड़मेर को भी गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के अनुसार प्रकाश डोडा चूरा मंगवाने और उसकी खरीद-फरोख्त में शामिल था। दोनों आरोपियों को रिमांड पर लेकर उनसे तस्करी में शामिल अन्य लोगों और माल सप्लाई करने वालों के बारे में पूछताछ की जा रही है। पहले भी पुलिस से भिड़ चुका है आरोपी, आपराधिक रिकॉर्ड भी खंगाल रही टीम पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि मुख्य आरोपी खेताराम बिश्नोई का नाम पहले भी कई मामलों में सामने आ चुका है। करीब छह-सात महीने पहले पाली जिले के रानी थाना क्षेत्र में उसकी पुलिस से मुठभेड़ भी हुई थी। अब चित्तौड़गढ़ पुलिस उसके पुराने आपराधिक रिकॉर्ड की भी जांच कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि वह किन-किन मामलों में शामिल रहा है और उसके संपर्क किन जिलों या राज्यों तक फैले हुए हैं। पुलिस का मानना है कि दोनों आरोपियों से पूछताछ में नशा तस्करी के बड़े नेटवर्क से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी मिल सकती है। इसी कारण जांच का दायरा लगातार बढ़ाया जा रहा है और फरार अन्य संदिग्धों की तलाश भी तेज कर दी गई है। सहयोग -दिलीप सेन, निकुंभ