शिव विधायक रविंद्र सिंह भाटी मंगलवार को बाड़मेर के गिरल गांव में माइंस कंपनी के खिलाफ किसानों के साथ धरने पर बैठ गए। उन्होंने कहा- आप लोगों ने मेरे लिए पसीना बहाया था, तब मैंने कहा था कि जरूरत पड़ेगी तो मैं मेरा खून भी बहा दूंगा। अफसरों को चेतावनी देते हुए भाटी ने कहा- जब मैं टेबल पर बात करने आया तो नीचे 440 वॉट का वायर होगा, फिर धूजणी छूट जाएगी। दरअसल, राजस्थान स्टेट माइंस एंड मिनरल्स लिमिटेड (RSMML) की गिरल में लिग्नाइट माइंस की ओर से थुंबली समेत आसपास के इलाकों में जमीन अधिग्रहण कर कोयला खनन किया जा रहा है। आरोप है कि कंपनी ने स्थानीय लोगों को रोजगार देने का वादा किया था, लेकिन अब युवाओं को नौकरी से निकाला जा रहा है। इसी से प्रभावित किसान और गांव के युवा 9 अप्रैल से गिरल गांव में धरने पर बैठे हैं। यहां के लोग माइनिंग का प्रदूषण झेल रहे शाम करीब 4 बजे धरना स्थल पर पहुंचे भाटी ने कहा- धरने पर बैठे लोगों की मांग जायज है। इनकी मांग है कि कानूनन हमें जो फायदा मिलना चाहिए, वो मिले। पहले भी RSMML ने सुरक्षाकर्मियों को अचानक हटा दिया। तब प्रशासन और कंपनी के अधिकारियों से बात की थी। उन्होंने मांग को मानते हुए उनको वापस यथावत रखने की बात कही थी। यहां पर माइनिंग का प्रदूषण कोई सहन कर रहा है तो यहां के लोग सह रहे हैं। कंपनी और ठेकेदार नियम का पालन नहीं कर रहे विधायक ने कहा कि RSMML प्रबंधन समेत ठेकेदार नियमों की बात कर रहे हैं। लेकिन मैं उनसे पूछना चाहता हूं कि आप लोगों ने कितने नियमों की पालना की है। आपको नहीं पता है, लेकिन मुझे सब जानकारी है। उन्होंने कहा- हकीकत यह है कि कंपनी और ठेकेदार खुद किसी नियम का पालन नहीं करते हैं। नियम यह कहता है कि जहां माइनिंग हो रही है, वहां चारों तरफ तारबंदी करके पूरी तरीके से पैक करना चाहिए, जिससे कोई पशु और इंसान दुर्घटनाग्रस्त न हो। लेकिन यहां ऐसा कुछ भी नहीं किया। दिन-रात माइनिंग कर रहे हैं। माइनिंग करके खेतों में डंप कर रहे हो। इससे खेत बर्बाद हो रहे हैं। विधानसभा में बोले 65 हजार पौधे लगाए, हकीकत में एक भी नहीं MLA भाटी ने कहा- विधानसभा में गलत तथ्य पेश किए गए। वहां जवाब दिया कि माइंस से प्रभावित क्षेत्र में हजारों पौधे लगाए गए, लेकिन हकीकत में एक भी पौधा नहीं है। भाटी ने कहा- विधानसभा में प्रश्न लगाकर पूछा तो जवाब दिया कि 52 हजार से 65 हजार पेड़-पौधे लगा दिए। एक दिन मैं दो-तीन अधिकारियों को साथ लेकर इलाके में आया। मैंने कहा कि आपने जवाब दिया कि नीम समेत कई पेड़ लगा दिए। तब वे इधर-उधर की बातें करने लगे। जब गाड़ी लेकर वहां पर पहुंचे तो अधिकारियों से पूछा- कहां हैं पेड़-पौधे? तब उन्होंने बबूल के पेड़ बताकर इतिश्री कर दी। धरने पर बैठे लोगों से कोई बात करने नहीं आया विधायक ने कहा कि 25-30 दिन पहले कई युवाओं को कंपनी से निकाल दिया गया। यहां वही लोग धरने पर बैठे हैं। इनकी बात सुनने के लिए RSMML और ठेकेदार नहीं आए हैं, इसलिए हमें धरने पर बैठना पड़ा। प्रदेश में हालात यह हैं कि आम मजदूर के हक भी मारे जा रहे हैं। उनके अधिकारों के लिए लड़ना पड़ रहा है। रोजगार बचाने के लिए लड़ना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों की 10-10 साल उम्र कम हो गई रविंद्र भाटी ने कहा कि प्रशासन समय रहते इन तमाम चीजों को ठीक कर ले, वरना जो स्थितियां बनेंगी उसके लिए प्रशासन तैयार रहे। जिस समय कंपनियां आती हैं तब बड़े वादे करती हैं। लेकिन हकीकत यह है कि स्थित बद से बदतर कर देती है। रात के समय आसमान में काला दिखता है। यहां के लोगों की 10-10 साल उम्र कम हो गई है। जमीन ले ली और रोजगार के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है। राजस्थान सरकार का PSU है RSMML RSMML राजस्थान सरकार का एक सार्वजनिक उपक्रम (PSU) है, जो रॉक फॉस्फेट, लिग्नाइट, जिप्सम और लाइमस्टोन का खनन करती है। गिरल लिग्नाइट माइंस, बाड़मेर जिले के थुम्बली और गिरल गांव में स्थित है। इसे राजस्थान की पहली आधुनिक ओपनकास्ट (खुली) लिग्नाइट खदान भी माना जाता है। 1994 में RSMML द्वारा इस खदान की शुरुआत की गई थी। यह मुख्य रूप से लिग्नाइट का उत्पादन करती है, जो गिरल लिग्नाइट पावर प्लांट को ईंधन की सप्लाई करती है। ….. भाटी से जुड़ी ये खबर भी पढ़िए… अधिकारी के चैंबर में विधायक रविंद्र भाटी ने धरना दिया,VIDEO:कुर्सी पर बैठने को कहते रहे अफसर; MLA बोले-जब तक पानी नहीं देंगे, मैं बैठा रहूंगा बाड़मेर में पानी की समस्या को लेकर शिव विधायक रविंद्र सिंह भाटी अधिकारी के सामने धरने पर बैठ गए। वे बाड़मेर के जलदाय कार्यालय गए थे। यहां पहले वे कुर्सी पर बैठे। पूरी खबर पढ़िए