बाड़मेर पंचायती राज चुनाव में सियासी घमासान के साथ पारिवारिक कलह भी सामने आ गई हैं। पूर्व सांसद स्व. कर्नल सोनाराम चौधरी की भतीजी प्रभा चौधरी बाड़मेर जिला परिषद के वार्ड संख्या 10 से चुनाव लड़ रही है। एक चुनावी सभा को संबोधित करते हुए प्रभा ने कहा- मैं कर्नल सोनाराम चौधरी की भतीजी, लालाराम पाबडा की बेटी हूं, खरथाराम जाखड़ की दोहिती हूं। करनाराम वकील की बहू हूं। इसका एक वीडियो भी सामने आया है। हालांकि इसके बाद पूर्व सांसद कर्नल सोनाराम चौधरी की पत्नी विमला चौधरी ने फेसबुक पोस्ट की। उन्होंने लिखा- लोग कर्नल सोनाराम चौधरी के नाम का इस्तेमाल करके राजनीतिक लाभ पाने की कोशिश कर रहे हैं। जिला परिषद चुनाव में सहानुभूति लेने का प्रयास कर रहे हैं। ऐसे लोगों से सावधान रहे। दरअसल, बाड़मेर जिले की जिला परिषद के वार्ड संख्या 10 और 34 से पूर्व सांसद स्व. कर्नल सोनाराम चौधरी की भतीजी प्रभा चौधरी और भतीजा मनोहर पाबड़ा चुनाव लड़ रहे हैं। प्रभा की ओर से चुनावी सभा में दिए जा रहे संबोधन में कर्नल सोनाराम चौधरी के नाम का जिक्र किया जा रहा है। जबकि पूर्व सांसद और प्रभा पुत्री लालाराम के परिवार के बीच लंबे समय से जमीन को लेकर विवाद चल रहा है, जिसमें अभी तक कोई सहमति नहीं बन पाई है। इस बीच करीब एक साल पहले कांग्रेस में रहते हुए कर्नल सोनाराम चौधरी का निधन हो गया, जिसके बाद से ही दोनों परिवारों में दूरियां है। अब पढ़िए पूरा मामला प्रभा ने कहा- मैं कर्नल सोनाराम की भतीजी, आशीर्वाद रखना प्रभा चौधरी ने शनिवार को वार्ड 10 निर्वाचन क्षेत्र में आने वाली ग्राम पंचायत उमे की ढाणी में जनसभा कीं। उन्होंने कहा- मैं कर्नल सोनाराम चौधरी की भतीजी, लालाराम पाबड़ा की बेटी हूं, खरथाराम जाखड़ की दोहिती हूं। करनाराम वकील की बहू हूं। आप सब मेरे परिवार से पूरी तरीके से परिचित हो। प्रभा ने कहा कि 2011-2012 में राजस्थान विश्वविद्यालय में छात्रसंघ अध्यक्ष रही हूं। आप सभी ने पहले कर्नल साहब को आशीर्वाद दिया, उसी समर्थन की उम्मीद अब मैं रखती हूं। मेरे ऊपर भी आशीर्वाद रखना। इसका एक वीडियो भी सामने आया है। कर्नल की पत्नी बोलीं- ऐसे लोगों से सावधान रहे प्रभा का वीडियो सामने आने के बाद कर्नल सोनाराम चौधरी के फेसबुक पेज पर उनकी पत्नी विमला चौधरी ने पोस्ट शेयर की। उन्होंने लिखा- कुछ लोग वोट लेने के लिए कर्नल सोनाराम चौधरी के नाम का उपयोग कर राजनीती कर रहे हैं, जो दुर्भाग्यपूर्ण है। कर्नल सोनाराम चौधरी ने हमेशा किसान विरोधी ताकतों के विरुद्ध संघर्ष किया है और हमारे ही कुछ रिश्तेदारों ने उन ताकतों के साथ मिलकर कर्नल साहब को आहत करने की कोशिश की। 2008 में भी विधानसभा चुनाव में इन्हीं ताकतों ने कर्नल सोनाराम की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने और उनको जलील करने का कृत्य किया और अब जिला परिषद चुनाव में भी उनका नाम लेकर सहानुभूति लेने का प्रयास कर रहे हैं। ऐसे लोगों से सावधान रहे, उनके झांसे में न आए और अपने स्वविवेक से मतदान करे।