जिन पतियों और परिवारों ने महिलाओं को ठुकरा दिया, उन्हीं की लंबी उम्र की कामना के लिए ये महिलाएं करवा चौथ का व्रत रख रही हैं। भरतपुर के अपना घर आश्रम में रह रहीं करीब 150 महिलाओं ने अपने पतियों के लिए व्रत रखा है। इनमें कई महिलाएं ऐसी भी हैं, जिनके पतियों ने दूसरी शादी कर ली और उन्हें घर से निकाल दिया। इसके बावजूद महिलाएं अपने पति की लंबी उम्र की कामना कर रही हैं। 3 दिन से चल रही थीं करवा चौथ की तैयारियां अपना घर आश्रम की संचालिका माधुरी भारद्वाज ने बताया कि आश्रम में करीब 150 महिलाओं ने करवा चौथ का व्रत रखा है। इसके लिए कई दिनों से तैयारियां चल रही थीं। महिलाओं के श्रृंगार के लिए ब्यूटीशियन को भी बुलाया गया, ताकि वे करवा चौथ का त्योहार मना सकें। दूसरी शादी करने के बाद पत्नियों को घर नहीं ले जाना चाहते पति माधुरी भारद्वाज ने बताया कि आश्रम में ऐसी कई महिलाएं हैं, जिनके पतियों ने दूसरी शादी कर ली और उन्हें घर से निकाल दिया। अब उनके पति उन्हें वापस घर ले जाने के लिए तैयार नहीं हैं। इसके बावजूद ये महिलाएं अपने पतियों के लिए करवा चौथ का व्रत रख रही हैं। उन्होंने कहा कि भगवान इन महिलाओं के पतियों को सद्बुद्धि दें, ताकि वे अपनी पत्नियों को आश्रम से वापस घर ले जाएं। बीमार परिजन को संभालते हैं, फिर महिलाओं को क्यों ठुकराया? माधुरी भारद्वाज ने कहा - इन महिलाओं को भी मान-सम्मान और इज्जत मिलनी चाहिए। वे इसकी हकदार हैं। अगर परिवार का कोई सदस्य बीमार हो जाता है, तो उसे संभाला जाता है, न कि घर से बाहर निकाल दिया जाता है। इसके बावजूद आश्रम में ऐसी महिलाएं रह रही हैं, जिन्हें उनके पति और परिवार ने घर से निकाल दिया। अब भी वे अपने पतियों की लंबी उम्र की कामना के लिए करवा चौथ का व्रत रख रही हैं।