धौलपुर-करौली से लोकसभा प्रत्याशी और भाजपा की महिला नेता इंदु देवी जाटव का कहना है कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम, 2023 को भारतीय लोकतंत्र में मील का पत्थर साबित होगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पारित यह ऐतिहासिक संवैधानिक संशोधन महिलाओं को नीति की लाभार्थी से नीति निर्माता बनाने का मार्ग प्रशस्त करेगा, जो विकसित भारत 2047 के संकल्प की आधारशिला बनेगा। उन्होंने शनिवार को भीलवाड़ा भाजपा जिला कार्यालय में मीडिया से बातचीत में यह बात कहीं। उन्होंने कहा कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम के तहत लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं के लिए एक-तिहाई (33) सीटें आरक्षित की जाएंगी, जिसमें एससी और एसटी की सीटें भी शामिल है। इससे निर्णय प्रक्रिया में उनकी सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित होगी। जब महिलाएं नेतृत्व करती हैं, तो शासन की प्राथमिकताओं में व्यापक बदलाव आता है और शिक्षा, स्वास्थ्य, पोषण, जल एवं स्वच्छता जैसे विषय अधिक प्राथमिकता के साथ सामने आते हैं। बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ अभियान ने सामाजिक सोच बदली है, जिससे माध्यमिक स्तर पर लड़कियों की नामांकन दर 80.2 प्रतिशत तक पहुंच गई है। वहीं सुकन्या समृद्धि योजना के 4.6 करोड़ से अधिक खाते बेटियों के आर्थिक भविष्य को सुरक्षित कर रहे हैं। नारी शक्ति अब आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ चुकी है उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री जन धन योजना के तहत 32.29 करोड़ महिलाएं बैंकिंग प्रणाली से जुड़ी है। मुद्रा योजना के 68 प्रतिशत ऋण महिलाओं को मिलना और 10 करोड़ से अधिक महिलाओं का स्वयं सहायता समूहों से जुड़ना इस बात का प्रमाण है कि नारी शक्ति अब आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ चुकी है। उन्होंने नमो ड्रोन दीदी, लखपति दीदी, प्रधानमंत्री आवास योजना में महिलाओं का स्वामित्व, उज्ज्वला योजना, स्वच्छ भारत मिशन, जल जीवन मिशन जैसी पहलों को महिलाओं के सम्मान और समय की बचत करने वाला बताया। भारत अधिक समावेशी और मजबूत होगा उन्होंने कहा कि आज महिलाएं लोकतंत्र के किनारे पर नहीं, बल्कि उसके केंद्र में हैं। 2024 के चुनाव में महिलाओं का मतदान प्रतिशत (65.78 अनुपात) पुरुषों से अधिक रहा है, जो उनकी बढ़ती राजनीतिक जागरूकता को दर्शाता है। अब समय आ गया है कि उनकी इस भागीदारी को प्रतिनिधित्व में बदला जाए और नारी शक्तिवंदन अधिनियम इसी दिशा में एक निर्णायक कदम है। यह भारत को और अधिक समावेशी और मजबूत बनाएगा। 20 अप्रैल तक भीलवाड़ा में होंगे जागरूकता कार्यक्रम नारी शक्ति वंदन अधिनियम के व्यापक प्रचार-प्रसार के लिए भीलवाड़ा जिले में 20 अप्रैल तक विभिन्न कार्यक्रम आयोजित होंगे। इसका मुख्य उद्देश्य जन-जन तक इस अधिनियम की महत्ता पहुंचाना है। जिले के विभिन्न क्षेत्रों में महिलाओं द्वारा नारी शक्ति पदयात्रा एवं वाहन रैली निकाली जाएगी। जनसंपर्क कार्यक्रमों का आयोजन होगा जन-समर्थन जुटाने के लिए मिस्ड कॉल नंबर 9667173333 जारी किया गया है। जनसंपर्क के दौरान घरों और वाहनों पर अधिक से अधिक स्टीकर लगाए जाएंगे। कलात्मक नवाचार के तहत सैंड आर्ट, नुक्कड़ नाटक, चित्रकला और लोकगीतों के माध्यम से जन-संवाद स्थापित किया जाएगा। जिले के प्रमुख स्थानों पर 'नारी शक्ति दीवार' बनाई जाएगी जहाँ महिलाएँ अपने विचार लिख सकेंगी, साथ ही कॉलेजों और मुख्य चौराहों पर मानव श्रृंखला बनाई जाएगी। इसके अलावा सोशल मीडिया के माध्यम से अभियान चलाया जाएगा। साथ ही इस पूरे अभियान को 'सरल एप' पर अनिवार्य रूप से अपलोड किया जाएगा, ताकि संगठनात्मक रूप से इसकी प्रभावी निगरानी हो सके। जनजागरुकता अभियान के व्यवस्थित संचालन के लिए जिला टोली का गठन करते हुए जिला संयोजक मंजू चेचाणी सहित आरती कोगटा, मंजू पालीवाल, ज्योति आशीर्वाद, मोहिनी माली, अभिश्रुता सोलंकी, रागिनी गुप्ता को नियुक्त किया गया है।