बदायूं में बिजली के खंभे पर चढ़े एक युवक की करंट लगने से जिंदा जलकर मौत हो गई। करंट लगते ही युवक जोर-जोर से चिल्लाने लगा। आसपास मौजूद लोग उसे बचाने की कोशिश करते रहे। लोग बिजली विभाग को फोन कर लाइन कटवाने की गुहार लगाते रहे, लेकिन सप्लाई समय पर बंद नहीं हुई। घटना की जानकारी मिलते ही परिजन मौके पर पहुंचे। मां और पत्नी रोते हुए लोगों से मदद की गुहार लगाती रहीं। इसी बीच युवक बुरी तरह जल गया। उसका शरीर तारों में फंसा रहा। जलते-जलते उसका सिर धड़ से अलग होकर नीचे गिर गया, जबकि धड़ तारों में फंसा जलता रहा। यह देखकर मां-पत्नी बेहोश हो गईं। मृतक की पहचान अरविंद के रूप में हुई है। वह प्राइवेट ट्यूबवेल के लिए लाइन शिफ्टिंग का काम करता था। घटना शुक्रवार सुबह वजीरगंज थाना क्षेत्र के धीमरपुर गांव की है। पहले 2 तस्वीरें देखिए… परिजन बोले- लाइनमैन ने शटडाउन लेकर पोल पर चढ़ाया था धिमरपुरा गांव निवासी 30 वर्षीय अरविंद, रजपाल के बेटे थे। वह खेती के साथ-साथ बिजली का काम भी करते थे। बड़े भाई देवेंद्र ने बताया- अरविंद की शादी 8 साल पहले अनीता से हुई थी। उनके शिल्पी (7) और आशीष (5) दो बच्चे हैं। घर में करीब 8 बीघा जमीन है। दोनों भाई मिलकर खेती करते थे। परिजनों के मुताबिक, अरविंद प्राइवेट ट्यूबवेल के लिए लाइन शिफ्टिंग का काम भी कर लेता था। बिजली का काम जानने की वजह से गांव के लोग उसे बुला लेते थे। फॉल्ट चेक करते लगा करंट शुक्रवार सुबह करीब 11 बजे गांव का लाइनमैन यशवीर अरविंद के पास आया। वह उसे अपने साथ ले गया। आरोप है कि यशवीर ने शटडाउन लेने की बात कही और अरविंद को हाईटेंशन लाइन के पोल पर चढ़ा दिया। अरविंद खंभे पर चढ़कर फॉल्ट चेक कर रहा था। इसी दौरान अचानक तारों में करंट दौड़ गया। परिजनों का कहना है कि किसी ने शटडाउन के बाद सप्लाई चालू कर दी, जिससे यह हादसा हुआ। परिजन लगातार लाइनमैन की लापरवाही का आरोप लगा रहे हैं। उनका कहना है कि शटडाउन के भरोसे ही अरविंद खंभे पर चढ़ा था। वहीं, एक्सईएन का कहना है कि हाईटेंशन लाइन पर बाहरी युवक के चढ़ने की पूरे मामले में जांच की जा रही है। करंट लगते ही तारों पर गिरा अरविंद प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया- करंट का तेज झटका लगते ही अरविंद का संतुलन बिगड़ गया। वह खंभे से फिसलकर सीधे बिजली के तारों पर गिर पड़ा। उसका सिर तारों में फंस गया। कुछ ही सेकेंड में शरीर में आग लग गई। देखते-ही-देखते सिर और धड़ धू-धूकर जलने लगा। अरविंद दर्द से चीखता रहा। आसपास मौजूद लोग उसे बचाने के लिए दौड़े, लेकिन कुछ कर नहीं सके। लोग लगातार बिजली विभाग को फोन कर सप्लाई बंद कराने की गुहार लगाते रहे। जब तक लाइन काटी गई, तब तक बहुत देर हो चुकी थी। अरविंद बुरी तरह जल चुका था। आग की तेज लपटों के बीच उसका सिर धड़ से अलग होकर नीचे गिर गया। वहीं, धड़ तारों में फंसा हुआ जलता रहा। मां और पत्नी का रो-रोकर बुरा हाल घटना की खबर मिलते ही घर में कोहराम मच गया। मां राजो और पत्नी अनीता मौके पर पहुंचीं। सामने का मंजर देखकर दोनों चीख पड़ीं। अरविंद तारों में जल रहा था और लोग दूर बेबस खड़े थे। मां और पत्नी चीख-चीखकर लोगों से उसे बचाने की गुहार लगाती रहीं। लेकिन कोई मदद नहीं कर पा रहा था। जैसे ही जलता हुआ सिर धड़ से अलग होकर नीचे गिरा, दोनों बेसुध होकर गिर पड़ीं। करीब चार घंटे की मशक्कत के बाद युवक का धड़ नीचे उतारा जा सका। एक्सईएन बोले- बाहरी व्यक्ति कैसे चढ़ा, जांच जारी एक्सईएन नरेंद्र ने बताया- दिसौलीगंज बिजलीघर के लिए ज्ञानेंद्र नाम के व्यक्ति ने शटडाउन लिया था। उन्होंने कहा कि बिना अनुमति के दोनों युवक खंभे पर कैसे चढ़े, इसकी जांच कराई जा रही है। उधर, सूचना मिलते ही सीओ बिसौली संजीव कुमार और वजीरगंज थाना प्रभारी सुरेंद्र सिंह पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंच गए। -------------------- यह खबर भी पढ़िए…. झांसी में गैस सिलेंडर ब्लास्ट होने से छत उड़ी:बहू ने मंदिर में दीया जलाया तो आग भड़की, धमाका सुन चौकी से भागे पुलिसकर्मी झांसी में गुरुवार रात एक मकान में आग लगने के बाद गैस सिलेंडर में ब्लास्ट हो गया। इससे कमरे की छत उड़ गई और कॉलोनी में दहशत का माहौल हो गया। धमाका सुनकर पड़ोस में बनी चौकी के पुलिसकर्मी बाहर निकल आए। पुलिस ने लोगों के साथ मिलकर आग बुझाने की कोशिश की, लेकिन तब तक आग विकराल रूप धारण कर चुकी थी। पुलिस के फोन करने पर फायर बिग्रेड की गाड़ी मौके पर पहुंच गई। एक घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पा लिया गया। पढ़ें पूरी खबर…