कोटा एसीबी ने बूंदी जिले की तालेड़ा पंचायत समिति में संविदाकर्मी JEN भानुप्रताप को ट्रैप किया था। एसीबी के अनुसार-पकड़े गए संविदाकर्मी ने रिश्वत की रकम AEN के कहने पर लेने की बात कही। इसके बाद एसीबी टीम ने आरोपी के मोबाइल से AEN के मोबाइल पर फोन करवाकर दोनों के बीच बातचीत करवाई। बातचीत में आरोपी भानुप्रताप ने AEN से कहा- ‘ये आए हैं तीरथ वाले मिलने के लिए, जिनके अपन ने साइन किए थे ना, जो आपने बोला था पैसों के लिए।’ AEN ने जवाब दिया- ‘तीरथ के तो मैंने साइन ही कर दिए, मैंने कुछ नहीं बोला उनको, मैंने किसी को पैसे के लिए नहीं बोला।’ परिवादी की ओर से रिश्वत नहीं देने पर संविदाकर्मी JEN भानुप्रताप ने आगे के बिल अटकाने की धमकी दी थी। कचरा संग्रहण कार्य के टेंडर से जुड़ा मामला मामला तालेड़ा पंचायत समिति के तीरथ ग्राम पंचायत में कचरा संग्रहण कार्य के टेंडर से जुड़ा है। परिवादी ने जून 2025 में टेंडर लिया था। काम के बिल प्रमाणित करवाने के लिए परिवादी लगातार प्रयास कर रहा था लेकिन संविदाकर्मी जूनियर टेक्निकल असिस्टेंट (JTA) भानुप्रताप बिलों को प्रमाणित करने में टालमटोल कर रहा था। परिवादी की शिकायत पर ACB ने ट्रैप कर पकड़ा था आरोपी भानुप्रताप 3 लाख रुपए के बकाया बिलों और पहले पास किए जा चुके 7.72 लाख रुपए के बिलों की एवज में खुद और AEN के लिए 7 प्रतिशत कमीशन के हिसाब से रिश्वत मांग रहा था। आरोपी, परिवादी से पहले ही 10 हजार रूपए की रिश्वत ले चुका था। परेशान होकर परिवादी ने एसीबी को शिकायत दी। एसीबी ने शिकायत का सत्यापन करवाया। सत्यापन के दौरान भानुप्रताप ने रिश्वत की शेष रकम देने के बाद ही AEN से बिलों पर साइन करवाने की बात कही थी। 28 अक्टूबर को एसीबी ने तालेड़ा पंचायत समिति में कार्रवाई करते हुए आरोपी भानु प्रताप को 70 हजार की रिश्वत लेते ट्रैप किया। इसमें से 60 हजार के डमी नोट थे। इस मामले में एसीबी ने मामला दर्ज किया है। आगे की जांच बूंदी एसीबी के पुलिस निरीक्षक को सोंपी है। आरोपी भानु प्रताप फिलहाल न्यायिक अभिरक्षा में जेल में बंद है।