बूंदी में न्यायिक मजिस्ट्रेट क्रम संख्या-1 ने चेक बाउंस के अलग-अलग मामलों में फैसला सुनाया है। नागदी बाजार निवासी अंकुश अग्रवाल को दोषी करार देते हुए 2 साल का कारावास और 90 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है। परिवादी महेश जिंदल, जो सब्जी मंडी के पीछे रहते हैं ने बताया कि ये मामले प्रॉपर्टी डीलिंग से संबंधित थे। इनमें आवासीय योजनाओं और व्यावसायिक भूखंडों की खरीद-फरोख्त शामिल थी। आरोपी अंकुश अग्रवाल ने पूंजी निवेश का झांसा देकर परिवादी से राशि प्राप्त की थी। 4 अलग-अलग मामलों में दोषी पाया बाद में आरोपी द्वारा दिए गए चेक बैंक खाते में अपर्याप्त निधि के कारण डिसऑनर्ड हो गए थे। इसके बाद परिवादी ने न्यायालय में इस्तगासा (शिकायत) पेश किया था। न्यायालय ने परिवादी द्वारा प्रस्तुत किए गए सबूतों और दस्तावेजों पर विचार करते हुए आरोपी को दोषी ठहराया। अंकुश अग्रवाल को चेक बाउंस से संबंधित 4 अलग-अलग मामलों में दोषी पाया गया, और प्रत्येक प्रकरण में 2 वर्ष का कारावास व कुल 90 लाख रुपए का अर्थदंड सुनाया गया है।