चित्तौड़गढ़ में क्रिप्टो और फॉरेक्स ट्रेडिंग के नाम पर निवेश कराकर 10 लाख रुपए से ज्यादा की कथित ठगी का मामला सामने आया है। जिला कारागृह में तैनात एक जेल सुरक्षा कर्मी की शिकायत पर कोतवाली थाना पुलिस ने 12 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। आरोप है कि रूस की कंपनी बताकर XPO.RU वेबसाइट में निवेश कराया गया, तय मुनाफे का भरोसा दिया गया, लेकिन बाद में न पैसा लौटा और न ही वादा पूरा हुआ। रिश्तेदार के जरिए मीटिंग में बुलाकर दिया निवेश का प्रस्ताव परिवादी रामचंद्र, जो जिला कारागृह में जेल सुरक्षा कर्मी हैं, ने रिपोर्ट में बताया कि सबसे पहले उनके रिश्तेदार मोहनलाल रेगर ने उनसे संपर्क किया। उन्हें कलेक्ट्रेट चौराहे स्थित एक होटल में बुलाया गया, जहां कुछ अन्य लोगों से मुलाकात कराई गई। आरोप है कि वहां मौजूद लोगों ने खुद को XPO.RU कंपनी से जुड़ा बताते हुए कहा कि यह रूस की बड़ी ट्रेडिंग कंपनी है, जो कई देशों में काम करती है। दावा किया गया कि कंपनी क्रिप्टो और फॉरेक्स ट्रेडिंग के जरिए हर सप्ताह 4 से 5 प्रतिशत और हर महीने 15 से 20 प्रतिशत तक मुनाफा देती है। साथ ही तय अवधि पूरी होने पर पूरी निवेश राशि सुरक्षित लौटाने का भरोसा भी दिया गया। रेफरल बोनस और व्हाट्सएप ग्रुप से बढ़ाया भरोसा शिकायत के अनुसार आरोपियों ने कहा कि जितने ज्यादा लोग कंपनी से जुड़ेंगे, उतना ज्यादा कमीशन और बोनस मिलेगा। भरोसा बढ़ाने के लिए परिवादी को व्हाट्सएप ग्रुप में जोड़ा गया और लगातार मीटिंगों में बुलाकर निवेश बढ़ाने के लिए प्रेरित किया जाता रहा। रिटायर्ड पुलिस अधिकारी का नाम लेकर किया भरोसा मजबूत परिवादी ने बताया कि बाद में इंदिरा गांधी स्टेडियम में आयोजित एक मीटिंग में उनकी मुलाकात एक रिटायर्ड पुलिस अधिकारी और अन्य लोगों से कराई गई। वहां भी दावा किया गया कि कंपनी पूरी तरह सुरक्षित है, सभी सरकारी नियमों के तहत काम कर रही है और खुद उन्होंने भी इसमें लाखों रुपए निवेश कर रखे हैं तथा नियमित मुनाफा मिल रहा है। इन दावों के बाद उन्होंने अलग-अलग लोगों के बैंक खातों और फोन-पे नंबरों पर ऑनलाइन ट्रांसफर और नकद भुगतान करना शुरू किया। कई बार छोटी रकम तो कई बार लाख रुपए के करीब राशि भी जमा कराई गई। जीपीएफ से पैसे निकाले, साढ़े आठ लाख का लोन भी लिया एफआईआर के अनुसार परिवादी ने जनवरी से नवंबर 2025 के बीच अलग-अलग तारीखों में विभिन्न आरोपियों को ऑनलाइन और नकद मिलाकर कुल 10 लाख 3 हजार 737 रुपए दिए। इतनी बड़ी रकम जुटाने के लिए उन्होंने अपने जीपीएफ से पैसे निकाले और करीब 8.50 लाख रुपए का लोन भी लिया। आरोप है कि रकम जमा कराने के बाद न तो तय मुनाफा मिला और न ही मूल निवेश वापस किया गया। जब पैसा लौटाने की मांग की गई तो आरोपियों ने टालमटोल शुरू कर दी। इसके बाद परिवादी को अपने साथ धोखाधड़ी होने का संदेह हुआ। कंपनी को सरकारी मंजूरी वाली बताकर जोड़े निवेशक शिकायत में आरोप लगाया गया है कि कंपनी से जुड़े लोगों ने बार-बार भरोसा दिलाया कि XPO.RU भारत में सभी जरूरी सरकारी संस्थाओं से मान्यता प्राप्त है और निवेश पूरी तरह सुरक्षित रहेगा। इसी भरोसे पर कई लोगों ने अपनी जमा पूंजी और कर्ज लेकर भी निवेश किया। परिवादी का आरोप है कि बाद में पता चला कि कंपनी के दावों और वास्तविक स्थिति में बड़ा अंतर है। विदेशी कंपनी, अधिक मुनाफा, सुरक्षित निवेश और रेफरल बोनस का लालच देकर लगातार नए निवेशक जोड़े जाते रहे। उनका आरोप है कि पूरे नेटवर्क का मकसद ज्यादा से ज्यादा लोगों से पैसा जुटाना था। 12 लोगों के खिलाफ एफआईआर, पुलिस कर रही जांच कोतवाली थाना पुलिस ने शिकायत के आधार पर मोहनलाल रेगर, पीरूलाल रेगर, पंकज नामदेव, शिवनारायण लाठी, कमल कुमार रेगर, आशा बैरागी, अनिल खंडेलवाल, मंगलेश शर्मा, रजत शर्मा, विजय मौर्य, सुरेंद्र सैनी और अमन वैष्णव के खिलाफ मामला दर्ज किया है। पुलिस पूरे नेटवर्क की भूमिका, पैसों के लेन-देन, निवेश के दावों और अन्य संभावित पीड़ितों की जानकारी जुटा रही है। जांच के दौरान बैंक खातों, डिजिटल ट्रांजैक्शन और आरोपियों के बीच हुए संपर्कों की भी पड़ताल की जाएगी।