चूरू जिले के ट्रेनी अग्निवीर महेश कुमार मुहाल (21) का ओडिशा के ब्रह्मपुर स्थित आर्मी अस्पताल में इलाज के दौरान निधन हो गया। पीथीसर गांव निवासी महेश की ट्रेनिंग के दौरान तबीयत बिगड़ने पर हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था। बीमार होने की सूचना पर पिता लालचंद बेटे से मिलने के लिए ट्रेन से चूरू से दिल्ली के लिए रवाना हुए। सादुलपुर पहुंचे ही थे कि महेश की मौत की खबर मिल गई। इसलिए आगे नहीं गए। दिल्ली से फ्लाइट से ओडिशा जाना था। महेश करीब 4 महीने पहले सेना में अग्निवीर भर्ती हुए थे। महेश के निधन की सूचना मिलते ही परिवार में चीख-पुकार मच गई। अग्निवीर का शव रविवार को पीथीसर गांव लाया जाएगा। सुबह साढ़े नौ बजे तिरंगा रैली निकाली जाएगी। पिता लालचंद ने बताया- बड़ा बेटा महेश कुमार मुहाल 20 जून 2026 को भारतीय सेना में अग्निवीर आर्टिलरी एयर डिफेंस में भर्ती हुआ था। अभी ओडिशा के गोपालपुर में ट्रेनिंग चल रही थी। गुरुवार को सेना के अधिकारी का फोन आया कि महेश की तबीयत खराब है। उसे ब्रह्मपुर के आर्मी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इस पर मैं बेटे से मिलने के लिए ट्रेन से चूरू से दिल्ली के लिए रवाना हुआ। सादुलपुर पहुंचा था कि आर्मी अधिकारी का फोन आ गया कि महेश का निधन हो गया हे। इसलिए आगे नहीं गया। दिल्ली से फ्लाइट से आगे जाना था। पिछले सोमवार को महेश ने फोन पर मुससे कहा था कि अब वह घर की जिम्मेदारी संभालेगा। पिता ने बताया- बुखार में बेहोश होने के बाद महेश को अस्पताल में भर्ती कराया गया था। डॉक्टर ने कहा कि जांच में डेंगू नहीं आया, लेकिन लक्षण डेंगू के लग रहे थे। रविवार को पार्थिव देह आने की संभावना महेश के पिता लालचंद ने बताया कि सेना के अधिकारियों से बात हुई थी। तब उन्होंने बताया कि सेना के अधिकारियों के अनुसार शनिवार को पार्थिव देह दिल्ली आ गई है। शाम का समय होने के कारण संभवतया रविवार को पार्थिव देह गांव पहुंच सकती है। कॉलेज पूरी करते ही सेना में मिली जॉइनिंग पिता लालचंद ने बताया- महेश का बीए पास करते भारतीय सेना के अग्निवीर आर्टलरी एयर डिफेंस में चयन हो गया था। महेश का छोटा भाई निर्मल चूरू के लोहिया कॉलेज में बीए प्रथम वर्ष का स्टूडेंट है। गांव पीथीसर के आरिफ खान ने बताया- महेश हंसमुख व शांत स्वभाव के थे। वह गांव में सामाजिक कार्यों में बढ़ चढ़कर हिस्सा लेते थे। महेश की मौत की सूचना के बाद गांव में शोक की लहर है। सेना में चयन होने पर किया था सम्मान गांव पीथीसर के मोहसिन खान इसेखानी ने बताया- गांव में सरकारी सेवा में चयन होने वाले सभी युवाओं का सम्मान किया गया था। उस समय महेश कुमार मुहाल का भी सम्मान किया गया था। महेश काफी खुशमिजाज युवा थे, जो गांव के अन्य युवाओं को भी तैयारी करने की बात कहते थे।