चूरू जिले के ट्रेनी अग्निवीर महेश कुमार मुहाल (21) का ओडिशा के ब्रह्मपुर स्थित आर्मी अस्पताल में इलाज के दौरान गुरुवार को निधन हो गया था। उनकी पार्थिव देह रविवार को उनके गांव पीथीसर लाई गई। बेटे का शव से लिपटकर मां बिलख पड़ीं। पिता लालचंद ने कहा- “मैंने अपने बेटे को देश के नाम कर दिया है, मुझे गर्व है। पूरा गांव अग्निवीर के अंतिम दर्शन के लिए उमड़ पड़ा। सेना के अधिकारियों ने महेश के पिता को राष्ट्रीय ध्वज सौंपा। अग्निवीर महेश का उनके गांव में अंतिम संस्कार किया गया। बीकानेर से आए सेना के जवानों ने गार्ड ऑफ ऑनर दिया। छोटे भाई निर्मल ने महेश को मुखाग्नि दी। चूरू से अग्निवीर के गांव पीथीसर तक 22 किमी लंबी तिरंगा यात्रा निकाली गई। महेश कुमार मुहाल 4 महीने पहले भारतीय सेना की आर्टिलरी एयर डिफेंस में भर्ती हुए थे। ओडिशा के गोपालपुर में ट्रेनिंग ले रहे थे। तिरंगा यात्रा और अंतिम संस्कार के फोटो 22 किलोमीटर तक तिरंगा यात्रा निकाली गई अग्निवीर महेश की पार्थिव शरीर सेना की गाड़ी से रविवार सुबह 9:30 बजे दिल्ली से चूरू लाई गई। यहां से गांव पीथीसर तक 22 किलोमीटर लंबी तिरंगा यात्रा निकाली गई। तिरंगा यात्रा में सैकड़ों युवा और ग्रामीण सेना की गाड़ी के आगे और पीछे महेश अमर रहे के नारे लगाते हुए चल रहे थे। रास्ते में ग्रामीणों ने जगह-जगह पुष्प वर्षा की। गांव घंटेल से युवा करीब 100 मीटर लंबा तिरंगा लेकर महेश के घर तक पहुंचे। इस दौरान ‘महेश कुमार अमर रहे’ के जयकारे गूंजते रहे। युवाओं ने तिरंगे के साथ अपने गांव के वीर सपूत को श्रद्धांजलि दी। नायब सूबेदार विजयपाल सैनी, नायब सूबेदार बजरंग सिंह और टू राज राइफल सेंटर, बीकानेर से आए जवानों ने गार्ड ऑफ ऑनर दिया। सेना के अधिकारियों ने महेश के पिता लालचंद को तिरंगा सौंपा। अग्निवीर के अंतिम संस्कार के लिए गांव के राकेश ने जमीन दी पूर्व नेता प्रतिपक्ष राजेंद्र राठौड़, विधायक हरलाल सहारण, पूर्व विधायक रफीक मंडेलिया, भाजपा नेता देवेंद्र झाझड़िया सहित कई नेताओं ने पुष्पचक्र अर्पित कर महेश को श्रद्धांजलि दी। पूरे गांव ने नम आंखों से अग्निवीर को विदा किया। अंतिम विदाई के दौरान परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। महेश के अंतिम संस्कार के लिए पीथीसर निवासी राकेश मुहाल ने अपने खेत की आधा बीघा जमीन दी। छोटे भाई निर्मल ने महेश को मुखाग्नि दी। ट्रेनिंग के दौरान बिगड़ी थी तबीयत ओडिशा के गोपालपुर में ट्रेनिंग के दौरान महेश को बुखार के बाद बेहोशी की हालत में ब्रह्मपुर स्थित आर्मी हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था। पिता लालचंद के अनुसार, डॉक्टरों ने जांच में डेंगू की पुष्टि नहीं की, लेकिन लक्षण डेंगू जैसे बताए थे। बेटे की तबीयत खराब होने की सूचना पर पिता ट्रेन से दिल्ली के लिए रवाना हुए, लेकिन सादुलपुर पहुंचने पर उन्हें महेश के निधन की सूचना मिल गई। शनिवार को पार्थिव देह दिल्ली पहुंची थी। ………………… ये खबर भी पढ़ें… जैसलमेर के 19 साल के अग्निवीर का हार्टअटैक से निधन:2 महीने पहले भर्ती हुए, दिल्ली में कर रहे थे ट्रेनिंग; सैन्य सम्मान से अंतिम संस्कार जैसलमेर जिले के पोकरण क्षेत्र के रहने वाले अग्निवीर गोपाल सिंह भाटी (19) का मंगलवार को हार्ट अटैक से निधन हो गया। वे दो महीने पहले ही अग्निवीर भर्ती हुए थे। दिल्ली में भारतीय सेना की ट्रेनिंग ले रहे थे। पूरी खबर पढ़ें