क्रेडिट कार्ड के कथित दुरुपयोग का ऐसा मामला सामने आया है, जिसमें एक फार्मासिस्ट का आरोप है कि उसने कार्ड के लिए आवेदन तक नहीं किया, फिर भी बैंक ने उसके नाम पर क्रेडिट कार्ड जारी कर दिया। उसने कार्ड लेने से इनकार किया, लेकिन 12 दिसंबर 2025 को कार्ड उसके पते पर पहुंच गया। बैंक ने इसे मुफ्त बताते हुए अपने पास रखने को कहा। बाद में कार्ड ब्लॉक कराने की प्रक्रिया के बावजूद उसके नाम से वर्चुअल कार्ड जारी होने और उनसे ट्रांजेक्शन होने का आरोप है। पीड़ित के अनुसार, बैंक ने 1,07,581.39 रुपए की देनदारी बताई। इसके अलावा वेतन खाते से बिना सूचना 2473 रुपए काटने का भी आरोप लगाया है। परिवादी ने बैंककर्मियों के खिलाफ इस्तगासे के जरिए सूरसागर थाने में मामला दर्ज करवाया है। पुलिस ने धोखाधड़ी और आईटी एक्ट की धाराओं में मामला दर्ज किया है। पुलिस के मुताबिक पून्यानाडी जालेची झालरा निवासी अभिजीत शर्मा ने न्यायालय में परिवाद पेश की। इसमें आरोप लगाया कि उनका वेतन खाता एचडीएफसी बैंक की पाल रोड शाखा में है। अभिजीत ने उनके नाम पर जारी पिक्सल क्रेडिट कार्ड का उनकी अनुमति के बिना इस्तेमाल हुआ। नवंबर 2025 में बैंक से फोन आया कि उनके लिए क्रेडिट कार्ड भेजा जा रहा है। अभिजीत ने फोन पर ही कार्ड लेने से मना कर दिया। आरोप है कि बैंककर्मी ने इसे मुफ्त बताते हुए कहा कि कार्ड उनके पते पर भेज दिया गया है। उन्होंने कार्ड का इस्तेमाल नहीं किया और उसे घर पर ही रखा। अप्रैल 2026 में बैंक से दो-तीन बार फोन आया और कार्ड ब्लॉक करने को कहा गया। बैंक खाते से चार्ज कटने की बात बताए जाने पर अभिजीत ने 28 अप्रैल को बैंक के बताए एप के जरिए कार्ड ब्लॉक करने की प्रक्रिया की। 2 जून को कार्ड की देनदारी का मैसेज आया। परिवाद के अनुसार, अभिजीत ने दोबारा ब्लॉक करने की प्रक्रिया की और 7 जून को कार्ड ब्लॉक होने का संदेश मिला। इसके बावजूद उनके नाम से वर्चुअल क्रेडिट कार्ड जारी होते रहे। उन्होंने इन्हें भी ब्लॉक करने का प्रयास किया, लेकिन उनके अनुसार ब्लॉक करने की प्रक्रिया के बाद फिर वर्चुअल कार्ड जारी होने के मैसेज मिले। साइबर एक्सपर्ट अंकित चौधरी ने कहा कार्ड ब्लॉक कराने का अनुरोध ही पर्याप्त नहीं, लिखित पुष्टि लेना भी जरूरी बैंकिंग और साइबर सुरक्षा विशेषज्ञों के अनुसार, यदि किसी व्यक्ति के नाम पर बिना आवेदन क्रेडिट कार्ड जारी होता है या उसकी अनुमति के बिना ट्रांजेक्शन किए जाते हैं, तो सबसे पहले बैंक को लिखित शिकायत देकर कार्ड और उससे जुड़े सभी वर्चुअल कार्ड ब्लॉक कराने की मांग करनी चाहिए। शिकायत का टिकट नंबर और कार्ड ब्लॉक होने की पुष्टि सुरक्षित रखनी चाहिए। ऐसे मामलों में बैंक से कार्ड आवेदन की कॉपी, केवाईसी रिकॉर्ड, कार्ड जारी होने और एक्टिवेशन की तारीख, ट्रांजेक्शन का समय, इस्तेमाल किए गए माध्यम तथा संबंधित डिवाइस और लॉगआन रिकॉर्ड की जांच करने को कहना चाहिए। खाते से रकम कटने पर बैंक से लिखित में पूछें कि कटौती किस आधार पर की गई। केवल फोन पर हुई बातचीत पर निर्भर रहने के बजाय ई-मेल और शिकायत की रसीद संभालकर रखें।