दिल्ली के चांदनी चौक इलाके में गुरुवार सुबह तीन मंजिला निर्माणाधीन इमारत ढह गई। हादसे में दो लोगों की मौत हो गई, जबकि चार लोग घायल हुए हैं। दिल्ली फायर सर्विस के मुताबिक, करीब 15 लोगों के मलबे में दबे होने की आशंका है। अधिकारियों के मुताबिक, घटना सुबह 9:50 बजे चावड़ी बाजार मेट्रो स्टेशन के पास गली सत्तारा में हुई। सूचना मिलने के बाद दमकल की 6 गाड़ियां मौके पर भेजी गईं। NDRF, दिल्ली पुलिस और MCD की टीमें भी रेस्क्यू और सर्च ऑपरेशन में जुटी हैं। MCD ने मामले में दो अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया है। इनमें असिस्टेंट इंजीनियर (बिल्डिंग) मोहम्मद नईम और जूनियर इंजीनियर (बिल्डिंग) अमन दलाल शामिल हैं। दिल्ली में इस साल इमारत गिरने का यह छठा बड़ा मामला है। इससे पहले 5 हादसों में 21 लोगों की मौत हो चुकी है। इनमें सत्य निकेतन और सीमापुरी हादसे शामिल हैं। जान गंवाने वालों में कई छात्र भी थे। हादसे की 5 तस्वीरें… छत का सपोर्ट सिस्टम हटाते समय गिरी इमारत MCD के एक अधिकारी के मुताबिक, इमारत का निर्माण चल रहा था, लेकिन करीब 15 दिन पहले काम रोक दिया गया था। हादसे के समय मजदूर छत के नीचे लगे सपोर्ट सिस्टम को हटा रहे थे। इसी दौरान पूरी इमारत ढह गई। अधिकारी ने बताया कि निर्माण में इस्तेमाल की गई सामग्री इंजीनियरिंग मानकों के मुताबिक तैयार नहीं थी और ठीक से सेट भी नहीं हुई थी। अधिकारियों के मुताबिक, इसी वजह से इमारत गिरी। प्रत्यक्षदर्शी बोले- 3-4 महीने से बन रही थी बिल्डिंग प्रत्यक्षदर्शी मोहम्मद नईम ने बताया कि इमारत पिछले 3-4 महीने से बन रही थी। तीन-चार लिंटर डाले जा चुके थे और वे सभी एक साथ गिर गए। घटना के समय करीब तीन-चार लोग मौजूद थे। एक शव को मलबे से बाहर निकालते हुए देखा गया है। AAP ने दिल्ली सरकार पर सवाल उठाए आम आदमी पार्टी के नेता सौरभ भारद्वाज ने इमारत गिरने की घटना पर CM रेखा गुप्ता सरकार और MCD को घेरा। उन्होंने X पर कहा कि कई बार सुरक्षा ऑडिट के आदेश के बावजूद दिल्ली में इमारतें गिर रही हैं। भारद्वाज ने सरकारी विभागों पर रिश्वतखोरी का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि जो लोग रिश्वत नहीं देते, उनकी इमारतें सील कर दी जाती हैं, जबकि दूसरी इमारतों पर कार्रवाई नहीं होती। उन्होंने दमकल विभाग और SDM कार्यालयों में भी वसूली का आरोप लगाया और ग्रेटर कैलाश-2 में दो जिम सील करने की कार्रवाई पर सवाल उठाए। दिल्ली में इस साल बिल्डिंग गिरने से 21 मौतें, 5 बड़े हादसे 1. 30 मई: सैदुलाजाब इलाके में वेस्टर्न मार्ग पर चार मंजिला व्यावसायिक इमारत ढह गई। इसमें कोचिंग सेंटर, कैफे और ऑफिस चल रहे थे। मलबा पास की कैंटीन पर भी गिरा, जहां छात्र मौजूद थे। हादसे में 6 लोगों की मौत हुई और 13 लोग घायल हुए। 2. 8 जुलाई: रोहिणी सेक्टर-16 में बारिश के दौरान दो निर्माणाधीन इमारतें ढह गईं। हादसे के बाद कई लोग मलबे में दब गए। बचाव दल ने मौके पर पहुंचकर राहत अभियान चलाया। इस हादसे में 3 लोगों की मौत हुई। 3. 21 अगस्त: करोल बाग के रेगरपुरा इलाके में प्यारे लाल रोड पर एक इमारत का हिस्सा गिर गया। यहां इमारत को तोड़ने का काम चल रहा था। हादसे में वहां काम कर रहे एक मजदूर की मौत हुई और दो लोग घायल हो गए। 4. 6 सितंबर: सत्य निकेतन इलाके में पांच मंजिला इमारत ढह गई। इस इमारत में लड़कों का PG चल रहा था। हादसे के समय बेसमेंट में मरम्मत का काम हो रहा था। बचाव दल ने मलबे से लोगों को बाहर निकाला। हादसे में 7 लोगों की मौत हुई और 5 घायल हुए। 5. 7 अक्टूबर: सीमापुरी इलाके में चार मंजिला इमारत का अगला हिस्सा ढह गया। हादसे में आसपास के लोग भी मलबे की चपेट में आए। बचाव दल ने 11 लोगों को बाहर निकाला। इस हादसे में 4 लोगों की मौत हुई और 8 लोग घायल हुए। ---------------------------- यह खबर भी पढ़ें… दिल्ली में PG-हॉस्टल की निगरानी के लिए बनेगा वेब पोर्टल, दिल्ली में बिल्डिंग गिरने की 1133 घटनाएं दिल्ली सरकार राजधानी में छात्रों के PG आवासों की जानकारी जुटाने के लिए वेब पोर्टल शुरू करेगी। अगले 3 दिनों में 100 जगहों की जांच होगी। शिक्षा मंत्री आशीष सूद ने हाई पावर्ड कमेटी (HPC) की दूसरी बैठक के बाद यह जानकारी दी। पूरी खबर पढ़ें…