दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे पर सुरक्षा व्यवस्था में कमी के कारण लगातार लोगों की जान जा रही है। दौसा सांसद मुरारीलाल मीणा ने इसे लेकर केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी से हाईलेवल जांच समिति गठित करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि एक्सप्रेस-वे पर हर महीने भीषण सड़क हादसे हो रहे हैं। इसलिए पूरे एक्सप्रेस-वे की सुरक्षा व्यवस्था की तकनीकी जांच कराई जाए और स्पीड मैनेजमेंट समेत जरूरी सुधार किए जाएं। 1 जुलाई के बस हादसे का दिया हवाला सांसद ने अपने पत्र में 1 जुलाई को दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे के NE-4 और NE-4C जंक्शन पर हुए बस-ट्रक हादसे का जिक्र किया। उन्होंने बताया कि इस हादसे में 8 यात्रियों की जिंदा जलकर मौत हो गई, जबकि कई अन्य गंभीर रूप से घायल हुए। सांसद ने हादसे के बाद जिला अस्पताल पहुंचकर घायलों से मुलाकात की और दुर्घटनास्थल का भी निरीक्षण किया। सुरक्षा व्यवस्था की कमियां गिनाईं सांसद ने कहा कि एक्सप्रेस-वे के इंटरचेंज और एग्जिट पर पर्याप्त और स्पष्ट दिशा-सूचक बोर्ड नहीं हैं। कई पुलों और फ्लाईओवर पर सड़क की सतह असमान है। जगह-जगह गड्ढे और लहरदार सड़क भी हादसों की वजह बन रहे हैं। इसके अलावा राष्ट्रीय राजमार्ग हेल्पलाइन 1033 की रात में धीमी प्रतिक्रिया, क्षतिग्रस्त किलोमीटर संकेतक, अग्निशमन सुविधाओं की कमी और स्पीड मैनेजमेंट सिस्टम की जरूरत की ओर भी ध्यान दिलाया। हाईलेवल कमेटी बनाने की मांग सांसद ने मांग की है कि राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI), सड़क सुरक्षा विशेषज्ञों और स्थानीय जनप्रतिनिधियों को शामिल कर हाईलेवल जांच समिति बनाई जाए। यह समिति हादसों के वास्तविक कारणों का तकनीकी अध्ययन कर स्थायी समाधान सुझाए। साथ ही एक्सप्रेस-वे पर चलने वाली एसी स्लीपर बसों के सुरक्षा मानकों की विशेष जांच कर उनका सख्ती से पालन सुनिश्चित कराया जाए।