कस्बे से मुक्तिधाम मार्ग होते हुए एनएच 27 को मिसाई सड़क मार्ग से जोड़ने वाले स्वीकृत रास्ते की टेंडर प्रक्रिया तय तारीख तक पूरी कराने की मांग उठी है। कस्बेवासियों ने एसडीएम कार्यालय में नायब तहसीलदार रघुराज सिंह​ को एसडीएम के नाम ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में कहा गया कि कस्बे और ग्रामीण इलाके के लोग कई साल से इस मार्ग की मांग कर रहे थे। क्षेत्रीय विधायक के सहयोग से अब मंजूरी मिली है। कस्बे के कुछ लोग इसे निरस्त कराने की प्रक्रिया अपना रहे हैं। इससे लोगों में रोष है। लोगों का कहना है कि इस मार्ग से एनएच 27 की दूरी सिर्फ 150 मीटर रह जाएगी। आने-जाने में ज्यादा दूरी नहीं तय करनी पड़ेगी। किसानों को खेत-खलिहान तक जाने का रास्ता मिलेगा। लोगों ने बताया कि इस मार्ग पर गंदगी का अंबार रहता है। किसी की मौत होने पर अंतिम संस्कार के लिए ले जाते समय दुर्गंध से परेशानी होती है। लोगों ने कहा कि कस्बे से मिसाई सड़क को जोड़ने वाले इस मार्ग को तेजी से आगे बढ़ाया जाए। इससे इकलेरा, मिसाई, सोडाना जैसे कई गांवों को भी सुगम रास्ता मिलेगा। कस्बा नजदीक होने से व्यापार बढ़ेगा। कस्बे के विकास को गति मिलेगी। रोडवेज बस का आवागमन भी सुचारु होगा, जो कई साल से बंद है। मिसाई रोड पर बन रहे आयुर्वेदिक अस्पताल तक इलाज के लिए जाने में भी कम दूरी तय करनी पड़ेगी। ज्ञापन में मांग की गई कि मुक्तिधाम मार्ग से मिसाई रोड तक स्वीकृत अटल पथ के काम की निविदा प्रक्रिया नियत तिथि तक कराई जाए। चेतावनी दी गई कि तय तारीख तक टेंडर प्रक्रिया नहीं हुई तो 15 जुलाई को कस्बेवासी कस्बा बंद रखेंगे। काली पट्टी बांधकर विरोध करेंगे। टेंडर प्रक्रिया जारी होने तक प्रदर्शन जारी रहेगा। ज्ञापन के दौरान सत्येंद्र धाकड़, अजय चौधरी, हेमराज नागर, अशोक गुरदिया, शिवचरण, सोनू नागर, भेरूलाल, नेमीचंद, उम्मेदमल, जाकिर हुसैन, लोकेश कुमार, जगदीशचंद्र, सुरेश कुमार, ओमप्रकाश सहित बड़ी संख्या में कस्बेवासी मौजूद रहे।