डकैत जगन गुर्जर का अंतिम संस्कार आज (बुधवार) धौलपुर के डांग स्थित भवुतीपुरा गांव में हुआ। मुखाग्नि बेटे आसाराम ने दी। STF की सुरक्षा में उसके तीनों भाइयों को जेल से धौलपुर लाया गया था। यहां अंतिम दर्शन के बाद तीनों को पुलिस वापस ले गई। तीनों को अलग-अलग गाड़ियों से अजमेर, धौलपुर एसटीएफ और धौलपुर पुलिस लेकर पहुंची थी। इनकी सुरक्षा में करीब 100 पुलिसकर्मी तैनात रहे। सुबह करीब साढ़े सात बजे जगन का शव गांव पहुंच गया था। गांव में 9 थानों (सोने का गुर्जा, बाड़ी सदर, बाड़ी कोतवाली, बसई डांग, कंचनपुर, निहालगंज, धौलपुर सदर, राजाखेड़ा, मनिया) की पुलिस तैनात रहीं। एएसपी श्रवण कुमार और सीओ महेंद्र कुमार खुद चप्पे-चप्पे पर नजर रख रहे थे। 29 जून को अजमेर जेल में हुई थी हत्या 29 जून को अजमेर हाई सिक्योरिटी जेल में डकैत जगन गुर्जर की हत्या कर दी गई थी। परिजनों का आरोप है कि भरतपुर के कुलदीप जघीना हत्याकांड के आरोपी विष्णु ने जगन गुर्जर की टॉवल (तौलिए) से गला दबाकर मर्डर किया। हार्डकोर बंदी विष्णु और जगन गुर्जर एक ही बैरक में बंद थे। इसके बाद परिवार वाले धरने पर बैठ गए थे। मंगलवार को परिवार वालों के साथ सहमति बनने के बाद शव का पोस्टमॉर्टम अजमेर में कराया गया था। जगन गुर्जर के गांव की PHOTOS… जगन हत्याकांड को सुसाइड रूप देने की कोशिश:बैरक में पंखे से लटका मिला गमछा; रिकॉर्डिंग से बचने के लिए CCTV पर टूथपेस्ट लगाया आठ मर्डर, वारदात के बाद खोया-पनीर खाता था जगन गुर्जर:महिला डकैत के लिए सरेंडर, पत्नी को लड़वाया था विधानसभा चुनाव; डकैत की क्राइम कुंडली पल-पल के अपडेट के लिए ब्लॉग देखिए…