धौलपुर में विश्व मेनोपॉज दिवस के उपलक्ष्य में शहर के एक निजी नर्सिंग होम में मेनोपॉज (रजोनिवृत्ति) विषय पर जागरूकता कार्यशाला हुई। इसमें महिलाओं को मेनोपॉज के दौरान होने वाले शारीरिक एवं मानसिक बदलावों, उनसे जुड़ी समस्याओं और स्वस्थ रहने के उपायों की जानकारी दी गई। कार्यशाला में डॉ. चित्रा बंसल ने बताया कि मेनोपॉज महिलाओं के जीवन का एक प्राकृतिक चरण है। इस दौरान हार्मोनल बदलावों के कारण कई तरह की शारीरिक और मानसिक परेशानियां हो सकती हैं। सही जानकारी, समय पर चिकित्सकीय परामर्श और जीवनशैली में जरूरी बदलाव अपनाकर इन समस्याओं को काफी हद तक नियंत्रित किया जा सकता है। नियमित व्यायाम अपनाने की सलाह अमेरिका से आईं डाइटिशियन एवं न्यूट्रीशनिस्ट जया गुप्ता ने संतुलित और पौष्टिक आहार के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने महिलाओं को हड्डियों एवं मांसपेशियों को मजबूत बनाए रखने के लिए आवश्यक पोषक तत्वों से भरपूर भोजन लेने, योग करने और नियमित व्यायाम अपनाने की सलाह दी। परिवार को करना चाहिए सहयोग डॉ. अनिल बंसल ने कहा कि 45 वर्ष की आयु के बाद महिलाओं में कई स्वास्थ्य समस्याओं का जोखिम बढ़ सकता है। संतुलित आहार, नियमित व्यायाम और समय-समय पर स्वास्थ्य जांच से इन समस्याओं की रोकथाम और नियंत्रण में मदद मिल सकती है। उन्होंने कहा कि मेनोपॉज के दौरान महिलाओं के शारीरिक स्वास्थ्य के साथ मानसिक स्वास्थ्य का ध्यान रखना भी जरूरी है। परिवार के सदस्यों को महिलाओं की भावनात्मक स्थिति समझते हुए उन्हें सहयोग देना चाहिए।