धौलपुर में अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ (स्कूल शिक्षा) की कार्यशाला रविवार को राजकीय उच्च माध्यमिक स्कूल महाराणा में हुई। इसमें प्रार्थना सभा और 'हमारा विद्यालय–हमारा तीर्थ' विषय पर चर्चा हुई। जिलाध्यक्ष पुरुषोत्तम शर्मा ने इसकी अध्यक्षता की। जिला मंत्री नवनीत प्रिया त्रिपाठी समेत प्रदेश और जिला कार्यकारिणी के कई पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद थे। कार्यशाला के पहले सत्र में संदीप कुमार शर्मा ने 'प्रार्थना सभा प्रभावी कैसे हो' विषय पर बात की। उन्होंने बताया कि प्रार्थना सभा छात्रों में अनुशासन, संस्कार, राष्ट्रभावना, नैतिक मूल्यों और सामाजिक चेतना बढ़ाने का अच्छा तरीका है। उन्होंने राष्ट्रगीत, सरस्वती वंदना, मौन प्रार्थना, ॐकार, गुरु वंदना, प्रतिज्ञा, अमृत वचन, संस्कार सुभाषित, गीत, पर्यावरण संकल्प और साप्ताहिक गतिविधियों को सही क्रम में शामिल करने की जानकारी दी। साप्ताहिक गतिविधियों में सोमवार को बोध कथा, मंगलवार को समाचार समीक्षा और बुधवार को पुस्तक परिचय शामिल करने को कहा गया। गुरुवार को महापुरुषों का जीवन परिचय और शुक्रवार को विज्ञान एवं नई तकनीक पर चर्चा कराने पर जोर दिया गया। शनिवार को स्वास्थ्य चर्चा, वनस्पति परिचय, योग-प्राणायाम और सूर्य नमस्कार कराने की बात भी कही गई। दूसरे सत्र में लोकेंद्र श्रोती ने 'हमारा विद्यालय–हमारा तीर्थ' विषय पर अपने विचार रखे। उन्होंने कहा कि स्कूल सिर्फ पढ़ाई का केंद्र नहीं है। यह संस्कार, संस्कृति, सामाजिक चेतना और राष्ट्र बनाने का भी एक अहम केंद्र है। छात्रों, शिक्षकों, अभिभावकों और समाज में स्कूल के प्रति अपनापन और जिम्मेदारी की भावना बढ़ाने पर जोर दिया गया। जिला मंत्री नवनीत प्रिया त्रिपाठी ने स्कूलों में 'संस्कार सरिता' का ज्यादा प्रचार करने की बात कही। कार्यशाला में 18 और 19 सितंबर को होने वाले शिक्षक सम्मेलन की तैयारियों पर भी चर्चा हुई। कार्यकर्ताओं को जिम्मेदारियां सौंपी गईं। इस दौरान दुर्गेश परमार, झब्बू लाल, बहादुर सिंह, धर्मेंद्र सिंह, राकेश शर्मा, प्रदीप त्यागी समेत अलग-अलग खंडों के पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद थे।