डूंगरपुर के जिला अस्पताल में गुरुवार को ठेका कर्मचारियों ने काम का बहिष्कार किया। कई महीनों से मानदेय नहीं मिलने और दीपावली से पहले खाते में कम राशि आने से नाराज कर्मचारियों ने अस्पताल के गेट पर प्रदर्शन किया। इससे अस्पताल की सेवाओं पर असर पड़ा और इलाज के लिए आए मरीज परेशान हुए। सुबह करीब 10 बजे वार्ड बॉय, हेल्पर, कंप्यूटर ऑपरेटर, नर्सिंगकर्मी, फार्मासिस्ट और लैब टेक्नीशियन मुख्य गेट पर जमा हुए। प्रिंसिपल डॉ. एस बाला मुरुगनवेलु के पहुंचने पर कर्मचारियों ने गेट बंद कर दिया और नारेबाजी की। कर्मचारियों ने बताया कि ठेका एजेंसी ने दीपावली से पहले उनके बैंक खातों में दो महीने का मानदेय भेजा, लेकिन कई कर्मचारियों को सिर्फ 5,800 रुपए मिले। उनका कहना था कि इतनी कम राशि में घर का खर्च चलाना, बच्चों की फीस भरना और राशन खरीदना मुश्किल है। प्रदर्शन की सूचना पर कोतवाली पुलिस अस्पताल पहुंची और कर्मचारियों को समझाने की कोशिश की। इसके बाद मेडिकल कॉलेज से अकाउंटेंट को बुलाया गया। अकाउंटेंट ने बताया कि राजमेस के आदेश के अनुसार मानदेय में कटौती की गई है। कर्मचारियों ने सवाल उठाया कि प्रदेश के अन्य स्थानों पर पुरानी दरों से भुगतान हुआ है, तो डूंगरपुर में अलग व्यवस्था क्यों लागू की गई। दोपहर बाद तक बातचीत चलती रही। प्रिंसिपल ने कर्मचारियों को दो दिन में कटा हुआ मानदेय देने का आश्वासन दिया, लेकिन कर्मचारी सहमत नहीं हुए।