दुर्गाष्टमी पर कन्या पूजन के साथ डूंगरपुर नगर परिषद सभापति सुशीला गुप्ता ने शहर की बेटियों के आर्थिक भविष्य को सुरक्षित करने की पहल की है। नगर परिषद अब जन्म से 10 साल तक की पात्र बेटियों के प्रधानमंत्री सुकन्या समृद्धि योजना में खाते खुलवाने के लिए घर-घर पहुंचेगी। इसके लिए टीम गठित कर परिवारों को योजना की जानकारी देने और खाता खुलवाने में मदद करने की तैयारी की गई है। नगर परिषद में डाकघर अधिकारियों की मौजूदगी में विशेष शिविर लगाया जाएगा, जहां बेटियों के खाते खुलवाने के साथ जिनके आधार कार्ड नहीं बने हैं, उनके निशुल्क आधार कार्ड बनवाने की व्यवस्था भी होगी। खाता खुलने पर नगर परिषद की ओर से बेटियों को प्रोत्साहन स्वरूप उपहार दिया जाएगा। कन्या पूजन के साथ अभियान की शुरुआत सभापति सुशीला गुप्ता ने रविवार को अष्टमी पर कन्या पूजन के बाद अभियान की शुरुआत की। उन्होंने कहा कि बेटी के जन्म से ही उसके बेहतर भविष्य की तैयारी शुरू होनी चाहिए। आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण किसी बेटी की पढ़ाई और भविष्य के सपने प्रभावित नहीं हों, यही इस पहल का उद्देश्य है। नगर परिषद का प्रयास रहेगा कि पात्रता पूरी करने वाली कोई भी बेटी जानकारी के अभाव में योजना से वंचित नहीं रहे। घर-घर जाकर जुटाएंगे बेटियों की जानकारी नगर परिषद की टीम घर-घर जाकर बेटियों की जानकारी जुटाएगी। इस दौरान अभिभावकों को योजना की पात्रता, खाते में जमा होने वाली राशि, ब्याज और जरूरी दस्तावेजों के बारे में बताया जाएगा। इसके बाद नगर परिषद में शिविर लगाकर डाकघर अधिकारियों की मदद से खाते खुलवाए जाएंगे। इससे परिवारों को खाता खुलवाने के लिए अलग-अलग जगह भटकने के बजाय एक ही स्थान पर प्रक्रिया पूरी करने में सुविधा मिलेगी। छोटी बचत से बड़े सपनों को मिलेगा सहारा सुशीला गुप्ता ने कहा कि बेटी परिवार ही नहीं, समाज का भी भविष्य है। प्रधानमंत्री सुकन्या समृद्धि योजना के तहत परिवार अपनी क्षमता के अनुसार छोटी-छोटी राशि जमा कर बेटी की शिक्षा और भविष्य की जरूरतों के लिए बचत कर सकते हैं। दुर्गाष्टमी पर कन्या पूजन के साथ अभियान शुरू करने का उद्देश्य बेटियों के सम्मान को व्यवहार में उतारना और उनके भविष्य को आर्थिक संबल देना है। केके गुप्ता के कार्यकाल में भी बेटियों की शिक्षा-सुरक्षा पर काम पूर्व सभापति एवं स्वच्छता ब्रांड एंबेसडर केके गुप्ता ने इस पहल की सराहना की। उन्होंने कहा कि नवरात्रि पर बेटियों के सुनहरे भविष्य के लिए बचत की शुरुआत सकारात्मक कदम है। उन्होंने बताया कि अपने सभापति कार्यकाल में बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ अभियान से प्रेरित होकर बालिकाओं को कराटे प्रशिक्षण देने और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों की बेटियों की पढ़ाई में सहयोग जैसे प्रयास किए गए थे। सुकन्या समृद्धि योजना के माध्यम से बेटियों को आर्थिक संबल देने की दिशा में भी काम होगा। उन्होंने कहा कि नगर परिषद का दायित्व शहरी सुविधाएं उपलब्ध कराने के साथ समाज के हर वर्ग के लिए उपयोगी पहल करना भी है। 250 रुपए से खुलता है सुकन्या समृद्धि खाता प्रधानमंत्री सुकन्या समृद्धि योजना के तहत 10 वर्ष से कम उम्र की बेटी के नाम पर अभिभावक खाता खुलवा सकते हैं। खाते में एक वित्तीय वर्ष के दौरान न्यूनतम 250 रुपए और अधिकतम 1.50 लाख रुपए जमा किए जा सकते हैं। इसमें 15 वर्ष तक राशि जमा करने का प्रावधान है, जबकि खाता 21 वर्ष में परिपक्व होता है। योजना की ब्याज दर केंद्र सरकार तय करती है और इसकी समीक्षा हर तिमाही की जाती है। उच्च शिक्षा के लिए नियमानुसार खाते में उपलब्ध राशि का अधिकतम 50 प्रतिशत निकाला जा सकता है। खाता खुलवाने के लिए बेटी का जन्म प्रमाणपत्र, अभिभावक के पहचान और पते के प्रमाण, आवेदन फॉर्म तथा शुरुआती जमा राशि जरूरी है। नगर परिषद के प्रस्तावित शिविर में इन दस्तावेजों की जानकारी देकर अभिभावकों को खाता खुलवाने की प्रक्रिया में मदद की जाएगी।