डूंगरपुर जिले के भंडारी पंचायत समिति के ग्राम पंचायत रामसोर जूना के लोगों ने सरपंच से लेकर पूरी कोरम निर्विरोध चुन ली है। यहां पूर्व सरपंच के पति को ही निर्विरोध सरपंच चुन लिया गया है। वहीं, सभी 7 वार्ड पंच भी निर्विरोध चुने गए हैं। अब डूंगरपुर जिले की 7 पंचायत समितियों में 232 ग्राम पंचायतों में सरपंच और वार्ड पंच के लिए कल 24 अक्टूबर को मतदान होगा। पंचायतीराज चुनाव के पहले चरण के तहत पंचायत समिति सागवाड़ा, सीमलवाड़ा, पाडवा, गलियाकोट, चिखली, भंडारी और झोंथरी में 233 में से अब 232 पंचायतों में सरपंच पद के चुनाव होंगे। वहीं, वार्ड पंच के 1877 में से अब 1870 वार्ड पंच पद के लिए मतदान होगा। इसके लिए 596 मतदान केंद्र बनाए गए हैं। जहां 5 लाख 5 लाख 21 हजार 601 मतदाता मतदान करेंगे। रामसोर जूना पंचायत में रचा इतिहास, सरपंच सहित पूरी कोरम निर्विरोध निर्वाचित पंचायत चुनाव 2026 के तहत चौरासी क्षेत्र की भंडारी पंचायत समिति अंतर्गत आने वाली रामसोर जूना पंचायत में एक मिसाल कायम हुई है। पंचायत के ग्रामीणों ने आपसी सहमति और एकता का परिचय देते हुए पूरी कोरम को निर्विरोध चुन लिया है। सरपंच पद पर किसी अन्य उम्मीदवार ने नामांकन दाखिल नहीं किया। वहीं, वार्ड पंच पदों पर कुछ लोगों के नामांकन वापस लेने से एक-एक नामंकन रहने से निर्वाचन अधिकारी ने पूरी कोरम के निर्विरोध निर्वाचन की आधिकारिक घोषणा कर दी। नामांकन प्रक्रिया के दौरान सरपंच पद के साथ-साथ सभी वार्ड पंच पदों पर केवल एक-एक ही नामांकन पत्र प्राप्त हुआ था। जांच और प्रक्रिया पूरी होने के बाद जयन्तिलाल डामोर को निर्विरोध सरपंच घोषित किया गया। इससे पूर्व जयन्तिलाल की पत्नी इस पंचायत की सरपंच थीं। उनके कार्यकाल के दौरान पंचायत क्षेत्र में हुए रिकॉर्ड विकास कार्यों, जनहित की योजनाओं और पारदर्शी कार्यशैली से प्रभावित होकर ग्रामीणों ने एकजुट होकर यह निर्णय लिया। पत्नी द्वारा किए गए उत्कृष्ट कार्यों का मान रखते हुए ग्रामीणों ने उनके पति जयन्तिलाल डामोर को निर्विरोध सरपंच पद की जिम्मेदारी सौंपी है। इसके अलावा वार्ड 1 में रमण यादव, वार्ड 2 में राकेश डामोर, वार्ड 3 में कमलेश डामोर, वार्ड 4 में मंजी डामोर, वार्ड 5 में सुशीला देवी लबाना, वार्ड 6 में भगवती लाल डामोर, और वार्ड 7 में रमिला को निर्विरोध वार्ड पंच निर्वाचित किया गया है। पूरी पंचायत के निर्विरोध चुने जाने से गांव में सौहार्द और उत्सव का माहौल है। ग्रामीणों का मानना है कि निर्विरोध चुनाव से न केवल चुनाव पर होने वाले अनावश्यक खर्च की बचत हुई है, बल्कि गाँव में विकास की गति भी तेजी से आगे बढ़ेगी।