जालोर में आहोर से दो बार विधायक और मंत्री रहे माधोसिंह के पोते शिवप्रतापसिंह की पत्नी उमा कुमारी सरपंच का चुनाव हार गईं। भैंसवाड़ा ग्राम पंचायत में टीचर की तैयारी कर रहीं शारदा ने 189 जीत दर्ज कीं। उमा कुमारी के पास 6.56 करोड़ की प्रॉपर्टी है और भैंसवाड़ा रावला हेरिटेज की मालकिन भी हैं। उनके पति शिवप्रतापसिंह वर्ष 2015 में भैंसवाड़ा के सरपंच रह चुके हैं। 11 उम्मीदवारों में था मुकाबला भैंसवाड़ा ग्राम पंचायत में सरपंच पद की सीट सामान्य महिला के लिए आरक्षित थी। 29 अक्टूबर 2026 को इस पद के लिए 13 महिलाओं ने नामांकन भरा था। बाद में दो महिलाओं ने नाम वापस ले लिए। इसके बाद मैदान में 11 उम्मीदवार रह गईं। इनमें सामान्य वर्ग की 5, ओबीसी वर्ग की 5 और एसटी वर्ग की एक महिला शामिल थी। 30 अक्टूबर को हुए मतदान में ग्राम पंचायत के कुल 4,159 वोटों में से 2,671 वोट पड़े। इनमें 107 वोट खारिज हो गए और 13 वोट नोटा को मिले। इस तरह 2,564 वोट वैध रहे। इनमें शारदा कुमारी राणा को सबसे ज्यादा 650 वोट मिले, जबकि उनकी नजदीकी प्रतिद्वंद्वी उमाकुमारी को 461 वोट मिले। शारदा ने 189 वोटों से जीत दर्ज की। सिलाई का काम करते हुए कर रहीं थी तैयारी शारदा राणा 11 उम्मीदवारों में अकेली बीए-बीएड डिग्रीधारी महिला थीं। पूर्ववर्ती अशोक गहलोत सरकार के समय हुई तृतीय श्रेणी शिक्षक भर्ती परीक्षा में उनका चयन होने की संभावना थी, लेकिन भर्ती रद्द हो गई। इससे शिक्षक बनने का उनका सपना अधूरा रह गया। इसके बाद वे सिलाई का काम करने लगीं और साथ ही सरकारी नौकरी की तैयारी भी जारी रखी। करोड़पति प्रत्याशी को हराकर बनीं सरपंच उमाकुमारी आहोर विधानसभा क्षेत्र से दो बार विधायक रहे माधोसिंह के पौत्र शिवप्रतापसिंह की पत्नी हैं। वे भैंसवाड़ा रावला हेरिटेज की मालकिन भी हैं। उनके पति शिवप्रतापसिंह वर्ष 2015 में भैंसवाड़ा के सरपंच रह चुके हैं। उमाकुमारी ने चुनावी शपथ पत्र में अपनी कुल संपत्ति 6 करोड़ 56 लाख 34 हजार 596 रुपए बताई थी। माधोसिंह आहोर से 1957 में कांग्रेस से विधायक बने। 1967 में आहोर सीट से ही दोबारा विधायक चुने गए। पूर्व मुख्यमंत्री मोहनलाल सुखाड़िया की सरकार में निर्माण विभाग (PWD) मंत्री रहे।