जिला परिषद चुनाव के तहत सभी 25 वार्डों के लिए कुल 91 उम्मीदवारों ने अपने नामांकन पत्र दाखिल कर दिए हैं। निर्वाचन विभाग की आधिकारिक वेबसाइट से प्राप्त जानकारी के अनुसार, सत्ताधारी भाजपा और मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस ने सभी 25 वार्डों पर अपने-अपने प्रत्याशी मैदान में उतारे हैं। क्षेत्र में तीसरी ताकत के रूप में उभर रही भारत आदिवासी पार्टी (बीएपी) ने 19 वार्डों में अपने उम्मीदवार खड़े किए हैं। कलेक्ट्रेट परिसर में सुबह से ही राजनीतिक दलों के नेताओं और समर्थकों का तांता लगा रहा। इस दौरान कांग्रेस के पूर्व विधायक रामलाल मीणा अपनी पत्नी इंदिया मीणा के नामांकन के दौरान बड़ी संख्या में महिला समर्थकों के साथ पहुंचे। भाजपा जिलाध्यक्ष एवं पूर्व प्रधान रमेश मीणा भी पार्टी का सिंबल दिलाने कलेक्ट्रेट पहुंचे। इस दौरान भाजपा जिलाध्यक्ष द्वारा भारत आदिवासी पार्टी के जिलाध्यक्ष मुकेश बरोड़ का हाथ पकड़कर कलेक्ट्रेट चैंबर के अंदर ले जाने का दृश्य चर्चा का विषय बना रहा। नामांकन आंकड़ों के विश्लेषण से स्पष्ट है कि वार्ड नंबर 12 और 13 में त्रिकोणीय और निर्दलीय समीकरणों के कारण सर्वाधिक 6-6 प्रत्याशी आमने-सामने हैं। वार्ड नंबर 11 में 5 उम्मीदवार भाग्य आजमा रहे हैं। वार्ड नंबर 1, 2, 4, 6, 8, 9, 15, 18, 21 और 24 में 4-4 प्रत्याशी मैदान में हैं। वार्ड 3, 5, 7, 10, 14, 16, 17, 22 और 23 में 3-3 उम्मीदवारों ने पर्चे भरे हैं। सबसे कम प्रत्याशी वार्ड नंबर 19, 20 और 25 में हैं। यहां केवल 2-2 उम्मीदवारों के बीच सीधा मुकाबला देखने को मिल रहा है। (विस्तृत सूची देखें पेज 14 पर) नामांकन दाखिल करने के दौरान राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता के बीच एक अनूठा दृश्य देखने को मिला। जब भाजपा जिलाध्यक्ष एवं पूर्व प्रधान रमेश मीणा पार्टी प्रत्याशियों के सिंबल जमा कराने पहुंचे, तो कलेक्ट्रेट चैंबर के बाहर भारत आदिवासी पार्टी के जिलाध्यक्ष मुकेश बरोड़ खड़े थे। वैचारिक मतभेदों को दरकिनार करते हुए भाजपा नेता ने मुकेश बरोड़ का हाथ थामा। उन्होंने उन्हें सम्मानपूर्वक अपने साथ चैंबर के अंदर ले गए। कलेक्ट्रेट में मौजूद लोग इस राजनीतिक सौहार्द और शिष्टाचार की सराहना करते नजर आए। कलेक्ट्रेट परिसर में राजनीतिक गहमागहमी और पुलिस की सख्ती : नामांकन प्रक्रिया के दौरान कलेक्ट्रेट परिसर में दिनभर गहमागहमी का माहौल बना रहा। ग्रामीण क्षेत्रों से आए कई प्रत्याशी अपने समर्थकों के साथ चार पहिया वाहनों पर तेज आवाज में डीजे बजाते हुए पहुंचे। परिसर में शांति व्यवस्था और आचार संहिता का पालन सुनिश्चित कराने के लिए पुलिस प्रशासन ने त्वरित सख्ती दिखाते हुए सभी डीजे तुरंत बंद करवा दिए। पुलिस अधिकारियों ने प्रत्याशियों और उनके समर्थकों को कलेक्ट्रेट के आसपास के क्षेत्र में भी डीजे न बजाने की कड़ी हिदायत दी। उन्होंने स्पष्ट किया कि नियम उल्लंघन पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।