सुखेर थाना और जिला स्पेशल टीम ने दो हिस्ट्रीशीटर फरदीन उर्फ गांजा और खांजीपीर निवासी फैजल आलम को 2 देसी पिस्टल और 4 मैग्जीन के साथ गिरफ्तार किया। ये मुजफ्फर उर्फ गोगा गिरोह से बदला लेने और हथियार बेचने के फिराक में थे। इनमें से फरदीन पर डेढ़ माह पहले गोगा गिरोह ने फायरिंग की थी। वहीं भास्कर की पड़ताल में सामने आया कि आरोपी फरदीन आदतन अपराधी और जेल जाने का आदी है। खास बात यह है जहां जेल प्रशासन कैदियों के पास मोबाइल नहीं होने का दावा करता है। वहीं दूसरी ओर फरदीन ने जेल में पोज देते हुए फोटो खिंचवाए हुए है। फिर इन्हें सोशल मीडिया पर भी शेयर किया है। एक फोटो में वह जेल एसटीडी फोन पर बात कर रहा है और दूसरे में जेल परिसर में खड़ा हुआ है। एसटीडी वाले फोटो में तो उसने जेल का केप्शन भी लिखा हुआ है। ऐसे में यह भी साबित होता है कि आरोपी जेल में आसानी से एंड्रॉइड मोबाइल का इस्तेमाल कर रहे है। बड़ा सवाल यह है कि जेल प्रशासन को इसकी भनक नहीं है या पता होने के बाद भी कार्रवाई करने में नाकाम है? गोगा गिरोह से बदला लेना चाहते थे थानाधिकारी भरत योगी ने बताया कि डीएसटी को अंबेरी में फरदीन और उसके साथी के पास हथियार होने की सूचना मिली। टीमों ने दबिश देकर काली पहाड़ी से सेक्टर-14 के डी ब्लॉक निवासी हिस्ट्रीशीटर फरदीन व खांजीपीर निवासी हिस्ट्रीशीटर फैजल आलम को पकड़ा। तलाशी में दोनों से एक-एक पिस्टल और 2-2 मैग्जीन जब्त की। पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर हथियार जब्त किए। पुलिस ने दोनों को कोर्ट में पेश किया, जहां से 3 दिन के रिमांड पर लिया है। पूछताछ में सामने आया कि फरदीन की मुजफ्फर उर्फ गोगा गिरोह से रंजिश है। गत 30 अगस्त को ही गैंग ने उस पर फायरिंग की थी। 2 गोलियां लगने से वह घायल हो गया था। इसी गिरोह से बदला लेने के लिए वह पिस्टल लेकर घूम रहा था।