राज्यसभा सांसद घनश्याम तिवाड़ी ने अजमेर में SIR को लेकर कहा- अब 12वीं बार हो रही प्रक्रिया में घुसपैठियों के वोट हट रहे हैं, इसलिए कांग्रेस को ‘12वां’ शब्द सुनते ही चिढ़ मचती है। उन्होंने कहा- अमेरिका में बैठा जॉर्ज सोरोस डमरू बजाता है और यहां कांग्रेस के जमूरे नाचने लग जाते हैं। तिवाड़ी ने अजमेर में भाजपा के ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ अभियान के तहत आयोजित जन जागरण सभा में कांग्रेस को लेकर ये बात कही। उन्होंने कहा- 12वीं बार हो रही प्रक्रिया में घुसपैठियों के वोट हट रहे हैं, इसलिए कांग्रेस को ‘12वां’ शब्द सुनते ही चिढ़ मचती है। देश में 2 करोड़ 80 लाख बांग्लादेशी घुसपैठिए हैं और उनके वोट कटने से कांग्रेस का वोट बैंक खिसक रहा है। अमेरिका में सोरोस डमरू बजाता है, यहां कांग्रेस के जमूरे नाचते हैं तिवाड़ी ने कांग्रेस और राहुल गांधी पर विदेशी ताकतों के इशारे पर राजनीति करने का आरोप लगाया। तिवाड़ी ने कहा कि मदारी जब डमरू बजाकर कहता है, बोल जमूरे, बोल जमूरे, तो जमूरा बोलने लगता है। ठीक वही खेल यहां चल रहा है। अमेरिका में बैठा अरबपति जॉर्ज सोरोस, जो भारत और कश्मीर के खिलाफ साजिशें रचता है, जो नरेंद्र मोदी के खिलाफ है, वह वहां डमरू बजाता है और यहां कांग्रेस के जमूरे नाचने लग जाते हैं। कांग्रेस के नेता विदेश में आराम फरमाने जाते है- तिवाड़ी घनश्याम तिवाड़ी ने कहा कि कांग्रेस के नेता दो-चार दिन देश में घूमते हैं, फिर वियतनाम में आराम फरमाने चले जाते हैं और लौटकर फिर वही पुराना राग अलापने लगते हैं। तिवाड़ी ने कांग्रेस के लोकतंत्र बचाने के अभियान को राजनीतिक दिखावा बताते हुए कहा कि लोकतंत्र की रक्षा का दावा करने वालों को पहले अपने इतिहास का जवाब देना चाहिए वोट चोरी का खून कांग्रेस की नसों में बह रहा- घनश्याम तिवाड़ी घनश्याम तिवाड़ी ने 1952 के आम चुनाव का प्रसंग सुनाया। तिवाड़ी ने आरोप लगाया कि 1952 में उत्तर प्रदेश की रामपुर सीट से मौलाना अबुल कलाम आजाद चुनाव हार गए थे। इसके बाद तत्कालीन प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री गोविंद वल्लभ पंत को फोन कर मौलाना आजाद को जिताने का दबाव बनाया। उन्होंने कहा, जब डीएम ने मना कर दिया, तो पद से हटाने की धमकियां दी गईं और आखिरकार एक पेटी से दूसरी पेटी में वोट डालकर हारे हुए मौलाना को विजेता घोषित कराया गया। तिवाड़ी ने कांग्रेस पर चुनावी धांधली का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि वोट चोरी का इतिहास और उसका खून जिनकी नसों में बह रहा है, वे आज निष्पक्ष चुनाव आयोग पर अंगुली उठा रहे हैं। आपातकाल लगाने वालों को लोकतंत्र की चिंता घनश्याम तिवाड़ी ने आपातकाल के आरोपों पर पलटवार करते हुए राजस्थानी कहावत के जरिए निशाना साधा। उन्होंने कहा कि जिन लोगों ने देश में आपातकाल लगाकर लोकतंत्र को कुचला, वे आज लोकतंत्र की रक्षा का पाठ पढ़ा रहे हैं। तिवाड़ी ने कहा, हमारी कहावत है, छाजलो तो बोले सो बोले, चालनी काईं बोले जेमे सत्तर छेद। जिन्होंने 25 जून 1975 को खुलेआम भारत के लोकतंत्र की हत्या की, हमें महीनों जेलों में बंद रखा, वे आज लोकतंत्र का पाठ पढ़ा रहे हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि देश में अघोषित आपातकाल होता, तो क्या लोग बिना अनुमति जंतर-मंतर पर धरने दे पाते? क्या मिंटो रोड पर प्रदर्शन कर पाते? क्या आकाशवाणी भवन में घुसकर सकुशल बाहर आ पाते?तिवाड़ी ने कहा कि कांग्रेस के शासनकाल में लोकतांत्रिक संस्थाओं का इस्तेमाल राजनीतिक हितों के लिए किया गया। कांग्रेस विश्राम दल में पहुंचेगी, मोदी रहेंगे तिवाड़ी ने कहा कि जनता के आशीर्वाद से भाजपा लगातार तीन चुनाव जीत चुकी है और चौथा चुनाव भी जीतेगी। उन्होंने कांग्रेस पर देश विरोधी ताकतों के सहारे राजनीति करने का आरोप लगाते हुए कहा कि कांग्रेस का भविष्य अब विश्राम दल यानी रिटायरमेंट में है।