भास्कर संवाददाता | बांसवाड़ा राज्य सरकार के निर्देश पर जिला प्रशासन के आला अधिकारी और जलदाय विभाग की टीमें हैंडपंपों की स्थिति जानने गांवों में जा रही हैं। सरकार के निर्देश हैं कि जहां भी हैंडपंप खराब हैं, उन्हें तत्काल दुरुस्त करवाएं । लेकिन जमीनी हकीकत चौंकाने वाली है। दर्जनों गांवों में हैंडपंप वर्षों से खराब पड़े हैं। लोगों ने पंचायत से लेकर प्रशासन तक गुहार लगाई लेकिन सुनवाई नहीं हुई। भास्कर को विभिन्न इलाकों से लोगों ने खराब हैंडपंपों के फोटो भेजते हुए जल संकट के हालात बताए हैं। लोगों का कहना है, कई जगह हैंडपंप 4 साल से बंद हैं, कहीं पाइप की कमी से पानी नहीं आ रहा। पंचायत को प्रस्ताव लिखवाए, प्रशासन के आला अफसरों को बताया लेकिन सुधार नहीं हुआ। जबकि कई जगह महिलाओं को एक-डेढ़ किलोमीटर दूर से पानी लाना पड़ रहा है। (खराब हैंडपंपों की चुनिंदा तस्वीरें... देखें जनता की आवाज) परतापुर की आवासन मंडल कॉलोनी में विधानसभा चुनाव की आचार संहिता से 5 दिन पहले 4 बोर खोदे गए। पंप सेट अब तक नहीं लगे। अरथूना के वार्ड 7 सेगातलाई में आंगनवाड़ी के पास हैंडपंप पिछले 2 साल से बंद पड़ा है। 6 अप्रैल को प्रकाशित