हनुमानगढ़ में किसानों की बुवाई के सीजन में डीएपी और यूरिया की मांग बढ़ने पर कृषि विभाग ने फर्टिलाइजर लाइसेंसधारियों की दुकानों की जांच शुरू की है। इस अभियान में खाद विक्रेताओं के पास मौजूद स्टॉक और लाइसेंस की स्थिति जांची जा रही है। विभाग का लक्ष्य है कि सभी खाद डीलरों का निरीक्षण कर सही स्थिति का पता लगाया जाए। इससे किसानों को खाद की उपलब्धता की सही जानकारी मिलेगी और कोई गड़बड़ी नहीं होगी। डिप्टी डायरेक्टर उद्यान हनुमानगढ़ डॉ. रमेश चंद्र बराला के अनुसार जिले में 300 से अधिक फर्टिलाइजर लाइसेंसधारी हैं। विभाग सक्रिय और निष्क्रिय डीलरों की पहचान कर रहा है। सक्रिय डीलरों के पास वर्तमान में कितना यूरिया और डीएपी है, इसका रिकॉर्ड भी खंगाला जा रहा है। यह अभियान करीब एक हफ्ते तक चलेगा। अगले दो-तीन दिनों में सभी खाद विक्रेताओं का निरीक्षण पूरा करने की कोशिश होगी। जांच से निष्क्रिय डीलरों पर नियमों के हिसाब से कार्रवाई की जाएगी।