नोहर फीडर में हरियाणा द्वारा दूषित पेयजल छोड़े जाने के विरोध में किसानों का दो दिवसीय धरना मंगलवार को वार्ता के बाद समाप्त हो गया। किसानों और हरियाणा-राजस्थान के सिंचाई अधिकारियों के बीच हुई वार्ता में मांगों पर सहमति बनने के बाद किसानों ने आंदोलन स्थगित करने की घोषणा की। हरियाणा सरकार ने हिसार-घग्घर मल्टीपर्पज ड्रेन का पानी नोहर फीडर में डालने के लिए किए जा रहे निर्माण कार्य को रोकने के लिखित आदेश जारी कर दिए हैं। तीसरे दौर की वार्ता में बनी सहमति यह सहमति तीसरे दौर की वार्ता में बनी, क्योंकि पहले दो दौर की बातचीत विफल रही थी। वार्ता में राजस्थान और हरियाणा सिंचाई विभाग के अधिकारी मौजूद थे। किसानों की ओर से गुरमेल सरदार, कृष्ण छिम्पा, राजेंद्र नयोल, कृष्ण गोदारा, गोपी राम स्वामी, मानसिंह सहित कई किसान शामिल हुए। पूर्व प्रधान सोहन ढील वार्ता के दौरान धरना स्थल पर किसानों के साथ मौजूद रहे। वार्ता में सहमति बनने के बाद हरियाणा सरकार द्वारा जारी पत्र किसानों को पढ़कर सुनाया गया, जिसके बाद उन्होंने आंदोलन स्थगित करने पर सहमति जताई। पूर्व विधायक ने फोन पर कराई बात किसान गुरमेल सिंह ने बताया कि पूर्व विधायक अभिषेक मटोरिया ने राजस्थान के सिंचाई मंत्री की हरियाणा के सिंचाई मंत्री से दूरभाष पर बात करवाई, जिसके बाद हरियाणा के सिंचाई विभाग के अधिकारी सक्रिय हुए। पूर्व पंचायत समिति प्रधान सोहन ढील ने कहा कि किसानों की एकजुटता के आगे हरियाणा को झुकना पड़ा।