गर्भवती महिलाओं को सुरक्षित मातृत्व और बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से जिलेभर में प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान (पीएमएसएमए) के तहत विशेष स्वास्थ्य जांच शिविर आयोजित किए गए। जिला अस्पताल, उप जिला अस्पताल, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों (पीएचसी) पर गर्भवती महिलाओं की प्रसव पूर्व जांच, आवश्यक परीक्षण, टीकाकरण एवं चिकित्सकीय परामर्श दिया गया। सीएमएचओ डॉ. शैलेन्द्र सिंह चौधरी ने बताया कि अभियान का उद्देश्य हर गर्भवती महिला को गुणवत्तापूर्ण प्रसव पूर्व स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध करवाने के साथ-साथ हाई रिस्क गर्भावस्था की समय रहते पहचान कर जरुरी उपचार उपलब्ध करवाना है। भारत सरकार के निर्देशानुसार यह अभियान केवल हर माह की 9 तारीख तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि 18 और 27 जुलाई को भी आयोजित होगा। यदि इन तिथियों पर राजकीय अवकाश रहेगा तो अगले कार्य दिवस पर शिविर लगाए जाएंगे। सीएमएचओ ने बताया कि शिविरों में गर्भवती महिलाओं का हीमोग्लोबिन, रक्तचाप, एचआईवी, सिफलिस, भ्रूण की हृदय गति सहित अन्य जरुरी स्वास्थ्य परीक्षण किए गए। साथ ही प्रसव संबंधी संभावित जटिलताओं का आकलन कर हाई रिस्क गर्भावस्था को चिन्हित किया गया, ताकि समय पर विशेषज्ञ उपचार उपलब्ध कराया जा सके। इसके अलावा गर्भवती महिलाओं को शरीर में खून और कैल्शियम की कमी से बचाव के लिए आयरन-फोलिक एसिड (आईएफए), कैल्शियम की गोलियां व अन्य जरुरी दवाइयां वितरित की। डॉक्टरों ने संतुलित आहार, नियमित स्वास्थ्य जांच व संस्थागत प्रसव के महत्व की जानकारी देकर सुरक्षित मातृत्व के प्रति जागरूक रहने का संदेश भी दिया।