भास्कर न्यूज | बालोतरा प्रदेश व देश की राजनीति में स्थानीय निकाय चुनाव को अक्सर विधानसभा व लोकसभा तक पहुंचने की पहली सीढ़ी माना जाता है, लेकिन बालोतरा नगर निकाय का 77 साल का राजनीतिक इतिहास इस मामले में अनूठा अपवाद रहा है। वर्ष 1949 में नगरपालिका गठन के बाद से अब तक शहर के निकाय की कमान संभालने वाला कोई भी अध्यक्ष या सभापति विधानसभा अथवा संसद तक नहीं पहुंच पाया है। कई पूर्व पालिकाध्यक्षों ने विधानसभा चुनाव लड़ने या टिकट हासिल करने का प्रयास जरूर किया, लेकिन सफलता किसी को नहीं मिली। सभापति राजनीति की पहली सीढ़ी मानी जाती है। लेकिन यहां जितने भी सभापति बने, सब यहीं अटक गए । इसके बाद उनका राजनीतिक कॅरियर कुछ ज्यादा अच्छा नहीं हुआ। कइयों ने टिकट के लिए प्रयास तो किए लेकिन किसी को मिला नहीं। कुछ ने बागी तेंवर भी दिखाए लेकिन फायदा तीसरा उठा ले गया। बालोतरा में निकाय की राजनीति से ऊपर की राजनीति तक पहुंचने का सबसे चर्चित प्रयास वर्ष 2008 के विधानसभा चुनाव में हुआ था। तत्कालीन पूर्व सभापति पारसमल भंडारी ने भाजपा से विधानसभा टिकट मांगा, लेकिन पार्टी से टिकट नहीं मिलने पर वे बागी होकर निर्दलीय मैदान में उतर गए। भंडारी स्वयं चुनाव नहीं जीत पाए, लेकिन उनके चुनाव मैदान में उतरने से भाजपा के वोटों का समीकरण प्रभावित हुआ। इसका फायदा बसपा से कांग्रेस में आए प्रत्याशी मदन प्रजापत को मिला। बालोतरा की निकाय राजनीति का स्वरूप हमेशा से अलग रहा है। यहां चुनाव मुख्य रूप से स्थानीय मुद्दों, जातिगत समीकरणों, व्यक्तिगत संपर्क व सामाजिक प्रभाव के आधार पर लड़े जाते रहे हैं। निकाय चुनाव में जीत हासिल करने वाला चेहरा जरूरी नहीं कि विधानसभा स्तर पर भी उतना ही प्रभावी साबित हो। इसके बाद निकाय की राजनीति में मजबूत पकड़ रखने वाले अन्य नेताओं ने भी विधानसभा टिकट के लिए दावेदारी पेश की। भाजपा से नगरपालिका अध्यक्ष रहीं प्रभा सिंघवी व पूर्व अध्यक्ष महेश बी. चौहान ने अलग-अलग विधानसभा चुनावों के दौरान पार्टी टिकट के लिए अपनी दावेदारी जताई, लेकिन दोनों को टिकट नहीं मिल सका। >रामकरण गुप्ता वर्ष 1949 से 50 > नंदकिशोर खत्री नवंबर 50 से जुलाई 67 >हरीराम पंवार जुलाई 67 से सितंबर 67 >चुन्नीलाल परिहार सितंबर 67 से जून 69 >प्रशासक जून 69 से नवंबर 71 >नंदकिशोर खत्री नवंबर 71 से मार्च 73 >प्रशासक अप्रैल 73 से फरवरी 82 >नंदकिशोर खत्री फरवरी 82 से फरवरी 86 >प्रशासक फरवरी 86 से नवंबर 94 >शंकरलाल नवंबर 94 से नवंबर 99 > पारसमल भंडारी नवंबर 99 से नवंबर 04 >प्रभा सिंघवी नवंबर 04 से नवंबर 09 > महेश बी. चौहान नवंबर 09 से नवंबर 14 > रतनलाल खत्री नवंबर 14 से नवंबर 19 >सुमित्रा जैन नवंबर 19 से नवंबर 24 > प्रशासक 27 नवंबर 24 से अब तक