ट्रेन में पटाखे या आग लगने वाले सामान ले जाने पर कम से कम 10 हजार रुपए जुर्माना और तीन साल तक की सजा हो सकती है। दीपावली और छठ पूजा के दौरान पैसेंजर्स की सुरक्षा को देखते हुए रेलवे ने सख्ती बढ़ा दी है। आरपीएफ की टीम ट्रेनों और रेलवे परिसरों में पैसेंजर्स की सुरक्षा के लिए पटाखे, आतिशबाजी और अन्य ज्वलनशील पदार्थ पर निगरानी कर रही है। रेलवे ने पैसेंजर्स से अपील की है कि वे यात्रा के दौरान ऐसी कोई भी वस्तु अपने साथ न रखें, जिससे आग लगने अथवा किसी दुर्घटना की आशंका हो। उत्तर-पश्चिम रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी अमित सुदर्शन ने बताया- पटाखे, फुलझड़ियां, अनार, रॉकेट, गैस सिलेंडर, पेट्रोल, डीजल और केरोसिन जैसे ज्वलनशील और खतरनाक पदार्थों को ट्रेन के यात्री डिब्बों या पार्सल में ले जाना प्रतिबंधित है। इस पर प्रभावी रोक लगाने के लिए रेलवे स्टेशनों, ट्रेनों और पार्सल कार्यालयों में जांच और निगरानी बढ़ाई गई है। उन्होंने बताया- रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ), राजकीय रेलवे पुलिस (जीआरपी) और रेलवे कर्मचारियों की ओर से सीसीटीवी कैमरों, बैगेज स्कैनिंग और डॉग स्क्वॉड की सहायता से संदिग्ध सामान की जांच की जा रही है। नियमों का उल्लंघन पर यात्रियों के खिलाफ होगी कार्रवाई रेलवे की ओर से यात्रियों को ट्रेन और रेलवे परिसर में बीड़ी-सीगरेट नहीं पीने के लिए भी जागरूक किया जा रहा है। इस संबंध में टिकट जांच कर्मचारियों (टीसी) को नियमों का उल्लंघन करने वाले यात्रियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं।