इजराइल में पूर्व सेना प्रमुख और विपक्षी नेता गादी आइजेनकोट के प्रधानमंत्री बनने का रास्ता लगभग साफ हो गया है। राष्ट्रपति इसाक हर्जोग के साथ दो दिन की बातचीत के बाद 11 सांसदों वाली अरब पार्टियों की जाइंट लिस्ट ने उन्हें सरकार के बाहर से समर्थन दिया है। इससे उनके पास 67 सांसदों का समर्थन हासिल हो गया है, जो बहुमत से 6 ज्यादा है। वहीं, मौजूदा प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के समर्थन में अब सिर्फ 46 सांसद रह गए हैं। नेतन्याहू की पुरानी सहयोगी अति-रूढ़िवादी पार्टी यूनाइटेड टोरा जूडिज्म (UTJ) ने उनका समर्थन करने से इनकार कर दिया है। दरअसल, 27 अक्टूबर को हुए चुनाव में किसी भी गठबंधन को बहुमत नहीं मिला था। अरब पार्टियों के समर्थन से आइजेनकोट को सरकार बनाने का पहला मौका मिलने की संभावना मजबूत हुई है। जॉइंट लिस्ट गठबंधन को जानिए यह इजराइल की अरब आबादी के अधिकारों की बात करने वाला राजनीतिक गठबंधन है। इसमें तीन अलग-अलग पार्टियां शामिल हैं। गठबंधन में अरब नेताओं के साथ यहूदी नेता भी हैं। नेतन्याहू को हटाने के लिए चार विपक्षी नेता एक साथ आए चुनाव के बाद 3 नवंबर को नेतन्याहू के विरोधी चार बड़े नेताओं ने हर्जलिया में बैठक की। इनमें गादी आइजेनकोट, नफ्ताली बेनेट, यायर लापिड और यायर गोलान शामिल थे। इन नेताओं ने नेतन्याहू को सत्ता से हटाने के लिए मिलकर काम करने और सरकार बनाने की बातचीत तुरंत शुरू करने पर सहमति जताई। बैठक में इन नेताओं ने राष्ट्रीय आपातकालीन सरकार बनाने का प्रस्ताव रखा। इसके लिए चार बुनियादी सिद्धांत तय किए गए। राष्ट्रपति की बैठक में किसने किसका समर्थन किया? नेतन्याहू के समर्थन में: धार्मिक दक्षिणपंथी पार्टी शास और धार्मिक जायनिज्म ने नेतन्याहू को दोबारा सरकार बनाने का मौका देने की सिफारिश की। जिहुत पार्टी ने भी उनका समर्थन किया। आइजनकोट के समर्थन में: अविगदोर लिबरमैन की यिस्राइल बेतेनु पार्टी ने आइजनकोट को समर्थन दिया। राअम पार्टी का समर्थन: अरब पार्टी राअम ने भी आइजनकोट को सरकार बनाने का मौका देने की सिफारिश की। इसके 8 सांसदों के समर्थन से आइजनकोट के पक्ष में समर्थन दिया। जाइंट लिस्ट: 11 सदस्यों वाली जाइंट लिस्ट ने आइजनकोट का समर्थन किया। UTJ ने समर्थन नहीं दिया: यूनाइटेड तोरा जूडिज्म की डिगेल हतोरा शाखा ने किसी भी उम्मीदवार का समर्थन करने से इनकार कर दिया। इसके 4 सांसद हैं। पार्टी के धार्मिक नेताओं ने यह फैसला लिया। 42 दिन में बनानी होगी सरकार, 10 नवंबर को संसद की बैठक इजराइल में राष्ट्रपति का पद आमतौर पर औपचारिक माना जाता है, लेकिन चुनाव के बाद सरकार गठन में उनकी अहम भूमिका होती है। राष्ट्रपति उस नेता को सरकार बनाने का न्योता देते हैं, जिसके पास संसद में बहुमत जुटाने की सबसे अच्छी संभावना हो। इसके लिए वे सबसे ज्यादा सिफारिशें पाने वाले नेता को चुनने के लिए बाध्य नहीं हैं। सरकार बनाने का मौका मिलने पर संबंधित नेता को 28 दिन का समय दिया जाता है। अगर इस दौरान सरकार नहीं बन पाती, तो राष्ट्रपति 14 दिन का अतिरिक्त समय दे सकते हैं। यानी कुल 42 दिन में सरकार बनाने की कोशिश पूरी करनी होती है। इजराइल की नई संसद की पहली बैठक 10 नवंबर को होने की उम्मीद है। अगर आइजेनकोट या नेतन्याहू तय समय में सरकार नहीं बना पाते, तो राष्ट्रपति किसी दूसरे नेता को मौका दे सकते हैं। सभी कोशिशें नाकाम होने पर नए चुनाव का रास्ता खुल सकता है। ------------------------------ यह खबर भी पढ़ें… इजराइल में आइजनकोट ने गठबंधन की 4 शर्तें रखीं:हरेदी समुदाय को भी सैन्य सेवा देनी होगी; नेतन्याहू को हटाने के लिए विपक्ष से बातचीत
इजराइल में विपक्षी नेता गादी आइजनकोट ने नई सरकार बनाने के लिए 4 शर्तें रखी हैं। इजराइली मीडिया वायनेट के मुताबिक, इनमें हरेदी समुदाय को सैन्य सेवा देना अनिवार्य होगा। पूरी खबर पढ़ें…