जिला मुख्यालय पर भगवान जगन्नाथ, बलदेव, सुभद्रा की पहली रथयात्रा को लेकर इस्कॉन सेंटर टोंक ने जनसंपर्क अभियान तेज किया है। रविवार को इस्कॉन के स्वयंसेवक शहर के अलग-अलग इलाकों में हरे कृष्ण-हरे राम संकीर्तन करते निकले। नागरिकों को रथयात्रा में आने का न्योता दिया। आयोजन की जानकारी वाले पंपलेट बांटे। इस्कॉन सेंटर टोंक के प्रभारी घनश्याम देव दास ने बताया कि आषाढ़ शुक्ल द्वितीया, जगन्नाथ दूज पर 16 जुलाई को यह धार्मिक आयोजन होगा। शहर के प्रमुख बाजारों, कॉलोनियों, सार्वजनिक स्थलों पर लोगों को रथयात्रा का धार्मिक महत्व बताया जा रहा है। संकीर्तन के दौरान श्रद्धालु भक्ति गीतों पर झूमते नजर आए। टोंक में पहली बार रथयात्रा निकलने से लोगों में उत्साह दिखा। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के शामिल होने की संभावना है। धार्मिक मान्यता के अनुसार भगवान जगन्नाथ के रथ के दर्शन करने, रथ खींचने से विशेष पुण्य मिलता है। इसी उद्देश्य से शहरवासियों को अधिक संख्या में शामिल होने का निमंत्रण दिया जा रहा है। यात्रा में हरिनाम संकीर्तन होगा। भजन-कीर्तन होगा। प्रसाद वितरण होगा। आयोजन को सफल बनाने के लिए इस्कॉन के स्वयंसेवक लगातार जनसंपर्क कर रहे हैं। अलग-अलग संस्थाओं, सामाजिक संगठनों से सहयोग लिया जा रहा है। 16 जुलाई को दोपहर 3:30 बजे हटवाड़ा मैदान के पास, अंबेडकर स्टेडियम के सामने स्थित इस्कॉन सेंटर मंदिर में 56 भोग, महाआरती के साथ रथयात्रा शुरू होगी। इसके बाद भगवान जगन्नाथ, बलदेव, सुभद्रा का रथ गांधी गौशाला, घंटाघर, सुभाष चौक, बड़ा कुआं होते हुए सवाई माधोपुर चौराहा, हेमू सर्किल पहुंचेगा। जयपुर में तैयार 25 फीट ऊंचा हाइड्रोलिक रथ मुख्य आकर्षण रहेगा। श्रद्धालु 100-100 फीट लंबी रस्सियों से रथ खींचेंगे।