श्री रावल मल्लीनाथ जी के भव्य मंदिर के प्राण-प्रतिष्ठा महोत्सव के लिए निमंत्रण और श्रद्धासुमन यात्रा बुधवार को जागसा गांव पहुंची। ये यात्रा महंत नारायण गिरि महाराज और महंत गणेशपुरी महाराज के सान्निध्य में चल रही है। संस्थान के प्रबंधन समिति के अध्यक्ष हरिशचंद्र सिंह जसोल भी इसमें शामिल हैं। जागसा में क्षत्रिय समाज के सरदारों ने यात्रा का उत्साहपूर्वक स्वागत किया। उन्होंने मंदिर निर्माण और प्राण-प्रतिष्ठा महोत्सव के लिए कुल 46 लाख 21 हजार रुपए के श्रद्धासुमन अर्पित करने का संकल्प लिया। संस्थान के सचिव सुमेर सिंह वरिया ने बताया- मालाजाल-तिलवाड़ा परिसर में मंदिर का निर्माण कार्य चल रहा है। प्राण-प्रतिष्ठा महोत्सव 2 सितंबर 2027 को भादवा बीज के पावन अवसर पर होगा। ये यात्रा शारदीय नवरात्र की बीज पर श्री रावल मल्लीनाथ जी की जन्मस्थली गोपड़ी से शुरू हुई थी। इसका उद्देश्य धार्मिक विरासत का संरक्षण और जनभागीदारी सुनिश्चित करना है। जागसा ग्राम में अर्पित किए जाने वाले श्रद्धासुमन का विवरण प्रबंधन समिति के अध्यक्ष हरिशचंद्र सिंह जसोल ने सभी श्रद्धासुमन अर्पित करने वाले क्षत्रिय समाज के सरदारों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि संत शिरोमणि श्री रावल मल्लीनाथ जी एवं श्री राणी रूपादे जी मालाणी की धार्मिक आस्था, सामाजिक समरसता एवं सांस्कृतिक एकता के प्रमुख आधार हैं। श्री रावल मल्लीनाथ जी के भव्य मंदिर का निर्माण मालाणी की गौरवशाली धार्मिक, ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण तथा उनके शौर्य, पराक्रम, धर्मनिष्ठा एवं लोककल्याणकारी आदर्शों को भावी पीढ़ियों तक पहुंचाने का महत्त्वपूर्ण प्रयास है। श्री राणी रूपादे जी की भक्ति, समानता, सामाजिक समरसता एवं मानव सेवा की प्रेरणादायी परंपरा समाज को एकता एवं सद्भाव का संदेश देती है। उन्होंने क्षत्रिय समाज के सरदारों द्वारा व्यक्त श्रद्धा एवं उदार भावनाओं की सराहना करते हुए क्षेत्रीय समाज से प्राण-प्रतिष्ठा महोत्सव में अधिकाधिक सहभागिता एवं अपनी श्रद्धा के अनुरूप श्रद्धासुमन अर्पित करने का आह्वान किया। इस यात्रा का उद्देश्य श्री रावल मल्लीनाथ जी द्वारा स्थापित मालाणी क्षेत्र के उन सभी गांवों तक पहुंचना है, जहां उनके वंशज एवं परिवारजन निवास करते हैं। यात्रा के दौरान इन गांवों में पहुंचकर उनसे मालाजाल–तिलवाड़ा में श्री रावल मल्लीनाथ जी के नवनिर्मित मंदिर के निर्माण के लिए उनके भाव के अनुरूप श्रद्धासुमन अर्पित करने का आह्वान किया जाएगा। आगामी प्राण-प्रतिष्ठा महोत्सव की योजना पर विस्तार से चर्चा कर उनके माध्यम से संपूर्ण मालाणी क्षेत्र की छत्तीस कौम को इस ऐतिहासिक एवं भव्य प्राण-प्रतिष्ठा महोत्सव में सहभागी बनने का आह्वान करते हुए आमंत्रित किया जाएगा। देखें PHOTOS