जयपुर की जवाहर नगर थाना पुलिस ने अंतरराज्यीय नकबजनी गैंग के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद की D-200 गैंग के मुख्य आरोपी मोमिन उर्फ मोहसिन सहित तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने चोरी का माल खरीदने वाले पिलखुवा निवासी प्रवीण कुमार वर्मा को भी पकड़ा है। गिरफ्तार आरोपियों में शैलेंद्र उर्फ शैली भी शामिल है। पुलिस ने वारदात में इस्तेमाल बिना नंबर की जुपिटर स्कूटी और ताला तोड़ने का औजार जब्त किया है। पुलिस के अनुसार, गैंग के सदस्य जयपुर सहित राजस्थान और दूसरे राज्यों में सूने मकानों और फ्लैटों को निशाना बनाते थे। आरोपी रात में गाजियाबाद से जयपुर आते, बंद मकानों की रेकी करते और सुबह ताले तोड़कर चोरी की वारदात को अंजाम देते थे। पुलिस ने करीब 100 किलोमीटर के दायरे में 500 सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालकर आरोपियों तक पहुंची। 500 सीसीटीवी कैमरों की फुटेज से लगा आरोपियों का सुराग डीसीपी ईस्ट रंजीता शर्मा ने बताया कि जवाहर नगर थाना क्षेत्र के रेजिडेंसी सेक्टर-4 स्थित फ्लैट नंबर 404 में 5 मार्च को चोरी हुई थी। परिवादी प्रदीप कुमार चाहर ने रिपोर्ट दर्ज कराई कि वह सुबह ऑफिस गया था, जबकि उसका परिवार गांव गया हुआ था। इसी दौरान चोर फ्लैट का ताला तोड़कर सोने-चांदी के जेवर और नकदी चुरा ले गए। इस मामले में जवाहर नगर थाना प्रभारी सरला यादव के नेतृत्व में विशेष टीम गठित की गई थी। पुलिस ने मामला दर्ज कर घटनास्थाल का मुआयना किया। साथ ही आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों से भी आरोपियों की तलाश की। इस दौरान पुलिस ने करीब 100 किलोमीटर के दायरे में लगभग 500 कैमरों की फुटेज खंगाली गई। तकनीकी सहायता और फुटेज की मदद से पुलिस आरोपियों तक पहुंची और उन्हें धर-दबोचा। हेलमेट और मास्क पहनकर करते थे वारदात जवाहर नगर थानाधिकारी सरला यादव ने बताया कि पहचान छिपाने के लिए आरोपी हेलमेट और मास्क पहनते थे और बिना नंबर के दोपहिया वाहनों का इस्तेमाल करते थे। आरोपी सोने-चांदी के जेवर और नकदी चोरी करने के बाद फरार हो जाते थे। चोरी किए गए जेवरात को उत्तर प्रदेश के हापुड़ और पिलखुवा क्षेत्र में कम कीमत पर बेचकर रकम का इस्तेमाल अपने शौक पूरे करने में करते थे। जेल में हुई दोस्ती, बाहर आकर बनाने लगे गैंग पुलिस जांच में सामने आया कि मुख्य आरोपी मोमिन और शैली की मुकालात 2016 में गाजियाबाद की डासना जेल में हुई थी। दोनों के बीच गहरी दोस्ती हो गई। जेल से आने के बाद दोनों ने गैंग बना ली और नकबजनी की वारदात करने लगे। पुलिस के अनुसार, मोमिन गाजियाबाद के वेव सिटी थाने का हिस्ट्रीशीटर है। जबकि शैली उत्तर प्रदेश के हापुड़ जिले के धौलाना थाने का हिस्ट्रीशीटर है। गैंग के सक्रिय सदस्य पहले भी जयपुर के वैशाली नगर, ज्योतिनगर, प्रतापनगर, सांगानेर और शास्त्रीनगर सहित विभिन्न थाना क्षेत्रों में वारदात कर चुके हैं। इसके अलावा जयपुर के रामनगरिया क्षेत्र में 11 मई को हुई चोरी की वारदात करना भी मोमिन ने स्वीकार किया है। पुलिस आरोपी से अन्य वारदातों के संबंध में पूछताछ कर रही है। मुख्य आरोपी पुलिस रिमांड पर, दो को जेल भेजा सरला यादव ने बताया कि मुख्य आरोपी मोमिन को न्यायालय के आदेश पर पुलिस रिमांड में लेकर पूछताछ की जा रही है। शैलेंद्र और प्रवीण कुमार वर्मा को न्यायालय के आदेश पर जेल में भेजा गया है। पुलिस गिरफ्तार आरोपियों से चोरी किए गए जेवरात और नकदी की बरामदगी के प्रयास कर रही है। साथ ही वारदात में इस्तेमाल किए गए वाहनों और अन्य आरोपियों की भूमिका की जांच जारी है। पुलिस को आशंका है कि मोमिन से पूछताछ में जयपुर और आसपास के क्षेत्रों में हुई अन्य नकबजनी की घटनाओं का भी खुलासा हो सकता है।