जयपुर में बढ़ती ट्रैफिक समस्या और ई-रिक्शा के अव्यवस्थित संचालन को नियंत्रित करने के लिए अब सख्त कदम उठाया जा रहा है। पुलिस आयुक्तालय ने ई-रिक्शा के लिए डिजिटल मैनेजमेंट सिस्टम लागू करने का फैसला लिया है, जो 3 मई से प्रभावी होगा। इसके तहत हर ई-रिक्शा के लिए QR कोड और कलर कोडिंग अनिवार्य की जाएगी। इसके तहत उन्हें तय जोन में ही चलने की अनुमति होगी। आरटीओ प्रथम राजेंद्र सिंह शेखावत ने बताया- इस सिस्टम के लागू होने के बाद बिना QR कोड और निर्धारित कलर कोड के ई-रिक्शा सड़कों पर नहीं चल सकेंगे। इसका उद्देश्य शहर में ट्रैफिक को व्यवस्थित करना, अनियंत्रित आवाजाही को रोकना और यात्रियों के लिए सुरक्षित और सुगम परिवहन व्यवस्था सुनिश्चित करना है। इसके लिए करीब 1.10 करोड़ रुपए की मंजूरी भी दी जा चुकी है। सबसे पहले, देखिए ऑर्डर … जोन के हिसाब से तय होगा ई-रिक्शा का रूट नई व्यवस्था के तहत जयपुर शहर को अलग-अलग जोन में बांटा जाएगा। हर ई-रिक्शा को एक तय जोन दिया जाएगा और वह उसी क्षेत्र में संचालन कर सकेगा। इससे एक ही जगह पर ई-रिक्शा की भीड़ कम होगी और ट्रैफिक जाम की स्थिति में सुधार आएगा। QR कोड से होगी पूरी डिजिटल निगरानी हर ई-रिक्शा पर QR कोड लगाया जाएगा, जिसमें वाहन और ड्राइवर की पूरी जानकारी दर्ज होगी। इससे पुलिस और परिवहन विभाग को निगरानी में आसानी होगी और नियमों का उल्लंघन करने वालों पर तुरंत कार्रवाई की जा सकेगी। कैंप लगाकर होगा रजिस्ट्रेशन और वितरण QR कोड रजिस्ट्रेशन और वितरण के लिए शहर में जोनवार कैंप लगाए जाएंगे। इन कैंप में परिवहन विभाग के अधिकारी तैनात रहेंगे, जो ई-रिक्शा चालकों का रजिस्ट्रेशन कर QR कोड उपलब्ध कराएंगे। नोडल अधिकारी और प्रवर्तन टीम करेगी मॉनिटरिंग इस पूरे सिस्टम के संचालन के लिए संबंधित विभागों में नोडल अधिकारी नियुक्त किए जाएंगे। साथ ही QR कोड और कलर कोडिंग के पालन को सुनिश्चित करने के लिए विशेष प्रवर्तन दल भी बनाया जाएगा, जो फील्ड में निगरानी करेगा।