राजस्थान की संस्कृति, मिट्टी और भावनाओं से जुड़ी जयपुर के निर्देशक ऋत्विक पारीक की बहुचर्चित फिल्म ‘डुग डुग’ की स्पेशल स्क्रीनिंग जयपुर में आयोजित की गई। फिल्म का निर्देशन जयपुर के निर्देशक ऋत्विक पारीक ने किया है। इस मौके पर प्रोड्यूसर प्रेरणा ने कहा कि वे अपने शहर को थैंक्यू बोलने आए हैं। इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल्स में सराहना बटोर चुकी यह व्यंग्यात्मक मिस्ट्री फिल्म अब 8 मई को देशभर के सिनेमाघरों में रिलीज होने जा रही है। स्क्रीनिंग के दौरान फिल्म की प्रोड्यूसर प्रेरणा पारीक, मुख्य कलाकार अल्ताफ खान, गौरव सोनी, योगेन्द्र सिंह, हेमंत शर्मा सहित शहर के कई प्रबुद्धजन मौजूद रहे। इस खास मौके पर फिल्म से जुड़े कलाकारों और टीम ने अपनी लंबी यात्रा, राजस्थानी संस्कृति और क्षेत्रीय सिनेमा को लेकर खुलकर बात की। जयपुर हमारा घर है, यहीं व्यक्त करना था आभार फिल्म की प्रोड्यूसर प्रेरणा पारीक ने कहा कि ‘डुग डुग’ पूरी तरह राजस्थान की मिट्टी से जुड़ी फिल्म है। इसकी कहानी राजस्थान में ही लिखी गई और शूटिंग भी यहीं पर हुई। फिल्म की 70 प्रतिशत से अधिक कास्ट और क्रू भी यहीं के कलाकारों और टेक्नीशियन्स से जुड़ी है। दर्शकों को यह फिल्म जरूर आएगी पसंद उन्होंने कहा कि हमारा मन था कि फिल्म रिलीज से पहले जयपुर में एक स्पेशल स्क्रीनिंग रखकर उन सभी लोगों का आभार व्यक्त करें, जिन्होंने हमारी इस लंबी यात्रा में साथ दिया। इसलिए हमने पूरी कास्ट, क्रू और अपने करीबी लोगों को यहां आमंत्रित किया। हमें उम्मीद है कि दर्शकों को यह फिल्म जरूर पसंद आएगी। फिल्म किसी सच्ची घटना से प्रेरित प्रेरणा ने बताया कि फिल्म किसी सच्ची घटना से प्रेरित है, लेकिन यह निर्देशक ऋत्विक पारीक की अपनी कल्पना और व्याख्या है। हम सब राजस्थान से हैं। बचपन से देवी-देवताओं और लोककथाओं को सुनते हुए बड़े हुए हैं। ऐसी कई कहानियां होती हैं, जो हमारे भीतर रह जाती है। ऋत्विक ने उन्हीं अनुभवों और लोकविश्वासों से प्रेरणा लेकर यह कहानी रची है। हर दर्शक अपने तरीके से समझेगा फिल्म का संदेश राजस्थानी कला और संस्कृति के जरिए दिए गए संदेश पर बात करते हुए प्रेरणा ने कहा कि फिल्म का अर्थ हर व्यक्ति के लिए अलग हो सकता है। उन्होंने कहा कि आप फिल्म देखेंगे तो आपको अलग संदेश मिलेगा, मुझे अलग महसूस होगा और जिन कलाकारों ने इसमें काम किया है, उन्हें कुछ और दिखाई देगा। यही सिनेमा की खूबसूरती है। मेरा बस यही संदेश है कि लोग थिएटर में जाकर फिल्में देखें। जब दर्शक थिएटर में आएंगे, तभी ऐसी फिल्में बनेंगी। राजस्थान से राष्ट्रीय स्तर तक बहुत कम पहुंच पाती है फिल्में उन्होंने कहा कि हिंदी और राजस्थानी जैसी क्षेत्रीय भाषाओं की फिल्मों को आगे आने की बहुत जरूरत है। राजस्थान से बहुत कम फिल्में राष्ट्रीय स्तर तक पहुंच पाती हैं, लेकिन इस फिल्म को अनुराग कश्यप, निखिल आडवाणी, वसान बाला और विक्रमादित्य मोटवानी जैसे बड़े फिल्मकारों का समर्थन मिला। स्वतंत्र फिल्मों को सपोर्ट करने वाले रंजन सिंह और पूरी टीम की वजह से हम आज इस फिल्म को थिएटर तक ला पाए हैं। राजस्थानी भाषा को पहचान दिलाने में मदद करेगी फिल्म -अल्ताफ खान फिल्म में ‘ठाकुर सा’ का किरदार निभाने वाले अभिनेता अल्ताफ खान ने कहा कि उन्हें खुशी है कि राजस्थान में भी अब इस तरह का गंभीर और प्रयोगात्मक सिनेमा बन रहा है। उन्होंने कहा कि मुझे यह किरदार इसलिए पसंद आया, क्योंकि इसमें संवाद बहुत कम थे और अभिनय पूरी तरह भाव-भंगिमाओं पर आधारित था। यह मेरे लिए चुनौतीपूर्ण और खास अनुभव रहा। मुझे लगता है कि ऐसी फिल्में राजस्थानी भाषा और संस्कृति को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने में मदद करेंगी। उन्होंने दर्शकों से अपील करते हुए कहा कि वे सिनेमाघरों में जाकर फिल्म देखें और राजस्थानी सिनेमा को समर्थन दें। इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल्स में बटोर चुकी है सराहना ‘डुग डुग’ का प्रीमियर 2021 में प्रतिष्ठित टोरंटो इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल (TIFF) में हुआ था। इसके बाद फिल्म को सांता बारबरा इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल, मेलबर्न इंडियन फिल्म फेस्टिवल, लॉस एंजिल्स इंडियन फिल्म फेस्टिवल, मामी मुंबई फिल्म फेस्टिवल और केरल इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल जैसे मंचों पर भी सराहा गया।