जयपुर में सीवरेज टैंक की सफाई के दौरान 2 मजदूरों का जहरीली गैस से दम घुटने लगा, तो दोनों चिल्लाने लगे। सूचना मिलते ही करधनी थाना पुलिस मौके पर पहुंची। दोनों युवकों को सीवरेज टैंक से निकालकर कांवटिया अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। जानकारी के अनुसार, दोनों कर्मचारी बिना सेफ्टी किट के सीवरेज में सफाई के लिए उतरे थे। यह हादसा करीब 2:00 बजे झोटवाड़ा जोन के शेखावत मार्ग, निवारू रोड, वार्ड नंबर 24 में हुआ। वाल्मीकि सफाई कर्मचारी संगठन ने इस हादसे पर कार्रवाई की मांग की है। संगठन का आरोप है कि बिना सुरक्षा मानक उपकरण दिए सीवर मेन होल की सफाई का कार्य करवाया जा रहा था, और अचानक मीथेन गैस सीवर चेंबर में आने से कर्मचारियों की मौके पर ही मृत्यु हो गई। XEN सोनू चौधरी, AEN रवि कुमार, JEN पवन कुमार और ठेकेदार अरविंद शेखावत पर कार्रवाई की मांग को लेकर परिजन हॉस्पिटल मोर्चरी के बाहर धरने पर बैठे हैं। देर रात तक शव के पोस्टमॉर्टम को लेकर सहमति नहीं बनी है।
पुलिस ने शव परिजनों को सौंपा करधनी थाना अधिकारी सवाई सिंह ने बताया कि हादसे में अजय (निवासी, पुरानी बस्ती )और रामबाबू ( निवासी, पानीपेच शास्त्री नगर) की मौत हो गई है। सूचना मिलते ही पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची और दोनों को अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। दोनों के शवों को मोर्चरी में रखवाया गया है, जहां पोस्टमॉर्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिए जाएंगे। फिलहाल, पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने का प्रयास किया जाएगा नगर निगम कमिश्नर ओम कसेरा ने कहा- भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने का प्रयास किया जाएगा। इस पूरे मामले में लापरवाही हुई है, जिसकी जांच करवाई जाएगी। ठेकेदार की लापरवाही को लेकर भी जांच की जाएगी कि क्या ठेकेदार ने कर्मचारियों को सुरक्षा कवच दिए थे या नहीं। जांच के बाद ही यह निष्कर्ष निकाला जा सकेगा कि किसकी गलती थी। जिस स्तर पर भी लापरवाही पाई जाएगी, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। अगर नगर निगम के स्टाफ की भी गलती पाई जाती है, तो उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी। यूनियन ने दी हड़ताल की चेतावनी, लगाए गंभीर आरोप वाल्मीकि सफाई कर्मचारी संगठन के अध्यक्ष नंदकिशोर डंडोरिया ने बताया कि सीवर ठेकेदार अजय और रामबाबू से बिना सुरक्षा मानक उपकरण दिए सीवर मेन होल की सफाई करवा रहा था, जिसके कारण मीथेन गैस से कर्मचारियों की मृत्यु हो गई। उन्होंने कहा कि यूनियन ने पहले भी प्रशासन को इस बारे में अवगत कराया था कि नगर निगम के ठेकेदार बिना सुरक्षा उपकरणों के सफाई करवा रहे हैं। डंडोरिया ने कहा- ठेकेदार और नगर निगम के JEN, AEN एवं XEN केवल कागजों में खानापूर्ति कर वाल्मीकि समाज के नवयुवकों के साथ मौत का खेल खेल रहे हैं। संयुक्त वाल्मीकि एवं सफाई श्रमिक संघ ने मांग की है कि जिम्मेदार ठेकेदार और संबंधित JEN, AEN एवं XEN को गिरफ्तार किया जाए। मृतक के परिजनों को एक-एक सरकारी नौकरी और एक-एक करोड़ रुपए का आर्थिक मुआवजा दिया जाए। भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो, इसके लिए नगर निगम जयपुर सख्त आदेश जारी करे। यदि इन मांगों का निस्तारण नहीं किया जाता है, तो जयपुर शहर सहित पूरे राजस्थान के सफाई कर्मचारी तत्काल सफाई कार्य का बहिष्कार करेंगे। मृतकों का पोस्टमॉर्टम नहीं होने दिया जाएगा। वहीं देर रात तक प्रशासन और मृतक के परिवार में सहमती नहीं बनने के दौरान नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली, पूर्व मंत्री प्रतापसिंह खाचरियावास, कांग्रेस जयपुर जिलाध्यक्ष सुनील शर्मा कांग्रेसी कार्यकर्ताओं के साथ कांवटिया हॉस्पिटल की मोर्चरी पहुंचे और मृतक के परिजनों से मुलाकात की । प्रतापसिंह खाचरियावास ने दोनों युवकों की मौत के लिए बीजेपी सरकार को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने कहा कि मृतक के परिवार को एक-एक करोड रुपए मुआवजा और मृतक परिवार के बच्चों को सरकारी नौकरी देने की मांग है। हम सरकार से वाल्मीकि समाज और सफाई कर्मचारियों की सुरक्षा की मांग की है। खाचरियावास ने कहा कि सीवरेज में कानून के अनुसार सफाई के लिए कर्मचारी नहीं उतारे जा सकते, इसके बावजूद कर्मचारियों को सीवरेज में उतरकर मालवा साफ कराया जा रहा था। जब एक कर्मचारी नहीं निकल पाया तो दूसरा उसको बचाने के लिए नीचे उतरा और दोनों की दम घुटने से सीवरेज में मौत हो गई। सरकार हमेशा की तरह यदि वाल्मीकि समाज के बच्चों के साथ धोखा करती है तो हम सब परिवार और बाल्मीकि समाज के साथ खड़े है, जो उनके साथ धोखा हुआ तो कांग्रेस चुप नहीं रहेगी हम सड़कों पर उतरेंगे!